राजीव, दुमका। झारखंड में रहने वाले राशन कार्डधारियों को 26 जनवरी से सब्सिडी पर सस्ता पेट्रोल देने की तैयारियां जोरों पर है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गणतंत्र दिवस समारोह पर इस योजना को लांच करेंगे। पहले चरण में राज्य के वैसे 20 लाख कार्डधारियों को इस योजना से जोड़ने की तैयारी है जिनके पास दो पहिया वाहन है। वर्तमान में राज्य में कुल कार्डधारियों की संख्या तकरीबन 61 लाख है। इसमें प्रायोरिटी हाउसहोल्ड (पीएच) कार्डधारियों की संख्या 50,18,472 और अंत्योदय राशन कार्डधारियों की संख्या 8,99,400 है। इस बीच धनबाद के उपायुक्त संदीप सिंह ने ट्वीट कर झारखंड पेट्रोल सब्सिडी योजना की गाइडलाइंस जारी की है। 

प्रत्येक लाभुक को हर महीने 10 लीटर पेट्रोल पर मिलेगी सब्सिडी

पेट्रोल सब्सिडी योजना के तहत दो पहिया वाहन कार्डधारियों के एक सदस्य को हर महीने 10 लीटर पेट्रोल पर प्रति लीटर में 25 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। प्रत्येक माह 250 रुपये इनके खाते में डीबीटी के माध्यम से जमा हो जाएगी। जबकि पेट्रोल क्रय करने के वक्त लाभुकों को पूरी राशि पंप पर देनी होगी। इसके लिए लाभुक को सरकार की ओर से जारी किए जाने वाले मोबाइल एप के माध्यम से खुद आवेदन करना होगा। इस बावत राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सभी जिले के उपायुक्त, जिला परिवहन पदाधिकारी और आपूर्ति पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया है।

19 जनवरी लांच होगी मोबाइल एप

सब्सिडी पर पेट्रोल के लिए मोबाइल के जरिए आनलाइन आवेदन करने के लिए राज्य सरकार 19 जनवरी को एप लांच करेगी। इस एप के जरिए आवेदक को खुद आवेदन करना होगा। इसके लिए आवेदक को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा या झारखंड खाद्य सुरक्षा का राशनकार्ड धारी होना होगा। राशन कार्ड में अंकित परिवार के सभी सदस्यों का आधार से सीडिंग होना जरूरी है। आवेदक के आधार और राशन कार्ड में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बैंक खाते के साथ लिंक होना चाहिए। वहीं आवेदक का वाहनउसके नाम से ही निबंधित होना चाहिए। निबंधन भी झारखंड राज्य की होनी चाहिए।

ऐसे करें आवेदन

सरकार द्वारा जारी मोबाइल एप में आवेदन के समय आवेदक को अपना नाम, राशन कार्ड संख्या और आधार संख्या उसमें डालना होगा। इसके बाद आधार सीड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी डालने के बाद आवेदक को राशन कार्ड में अपना नाम चयन करते हुए वाहन संख्या और ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालना होगा। इसके बाद आवेदक द्वारा आवेदन भरने का काम पूरा होते ही सत्यापन के लिए आवेदन डीटीओ के लागिन में चला जाएगा। इसके बाद डीटीओ इसे सत्यापित करेंगे। इसकी स्वीकृति मिलते ही आवेदन डीएसओ के लागिन इन में चला जाएगा। डीएसओ डीसी के आदेश के बाद बिल को कोषागार में भेजेंगे। कोषागार से बिल के भुगतान के लिए स्वीकृत राशि डीएसओ के खाते में भेज दी जाएगी। उसके बाद डीएसओ हर माह लाभुक के सीधे खाते में डीबीटी के माध्यम से भुगतान करेंगे। वहीं अगर आवेदक का खाता बैंक में आधार के साथ लिंक नहीं होगा या फिर किसी तरह की समस्या होगी तो भुगतान कार्ड के मुखिया के खाते में किया जाएगा।

Edited By: Mritunjay