जागरण संवाददाता, धनबाद : टेक्सटाइल मार्केट को लेकर नगर आयुक्त द्वारा दिए गए बयान से चैंबर खफा है। चैंबर के सदस्यों ने आरपार की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया है। इसे लेकर सोमवार को चैंबर की बैठक हुई। इसमें निगम के रवैये का लगातार विरोध करने का निर्णय लिया गया।

बैंक मोड़ चैंबर अध्यक्ष प्रभात सुरोलिया ने कहा कि ऐसा लगता है कि नगर आयुक्त को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास नहीं है। टेक्सटाइल मार्केट के व्यापारियों ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत उनके ऊपर हुए पार्किंग एजेंटों के हमले एवं गोली मार देने की धमकी का विरोध किया था। जो नगर आयुक्त को पसंद नहीं आ रहा है। ये भारत है चीन, उत्तर कोरिया या अफगानिस्तान नहीं। यहां सभी को बोलने का अधिकार है। पार्किंग वाले वहां अराजकता का माहौल पैदा किए हुए है। निगम उनके खिलाफ कार्रवाई न कर उल्टे व्यापारियों के विरुद्ध ही जांच बिठाकर हमारी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। इससे साफ जाहिर है की नगर निगम गुंडों के बल पर व्यवस्था चलना चाहते हैं। पार्किंग के नाम पर जो गुंडई कर रहे हैं निगम की उनसे यारी है। इसका हमलोग पुरजोर विरोध करते हैं। इस कृत्य से नगर निगम की साख पर बट्टा लग रहा है। साथ ही हेमंत सोरेन की सरकार को भी बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इसके पीछे कौन लोग है ये सरकार को समझना होगा। वहां पार्किंग के नाम पर ऑटो और टोटो का स्टापेज बनाए जाने एवं व्यापारियों व महिलाओं के साथ हो रहे दु‌र्व्यवहार के खिलाफ चैंबर अपनी आवाज और तेज करेगा। चैंबर ने कहा कि दुकानदार हमेशा कैंप लगवा कर निगम को होल्डिग टैक्स दिलवाते आए हैं। टेक्सटाइल मार्केट का विवाद जिला परिषद से मालिकाना हक को लेकर चल रहा है। 2011 से मार्केट बंद था, अभी खुला है। मामला कोर्ट मे है। वहां के लोग जिला परिषद को भाड़ा दे रहे हैं। निगम होल्डिग टैक्स जिला परिषद से वसूल करे।

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