जागरण संवाददाता, साहिबगंज। साहिबगंज की महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की की मौत की जांच कर रही सीबीआइ ने बुधवार को बैचमेट और रूपा को हत्या के लिए उकसाने के आरोप में साहिबगंज मंडल कारा में बंद शिव कुमार कनौजिया से करीब साढ़े पांच घंटे पूछताछ की। इस दौरान जेल के किसी भी कर्मी को वहां जाने की अनुमति नहीं थी। सीबीआइ टीम करीब 10 बजे मंडल कारा में दाखिल हुई और शाम के चार बजे वहां से निकली। टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर जीके अंशु कर रहे थे। पूछताछ में शिव ने अपने को बेगुनाह बताते हुए कई अहम जानकारी सीबीआइ को दी। हालांकि जांच टीम ने इस संबंध में कुछ भी बताने से इन्कार किया। सीबीआइ ने पूछताछ के लिए मंगलवार को ही कोर्ट से अनुमति ली थी।

सूत्रों के अनुसार सीबीआइ ने शिव से रूपा तिर्की से परिचय कब और कैसे हुआ, कब-कब मुलाकात हुई, रूपा ने काम के दौरान कभी किसी दबाव की चर्चा की, रूपा की मौत की खबर कब और किससे मिली जैसे सवाल पूछे। वायरल आडियो के संबंध में भी पूछताछ की। इस दाैरान कनाैजिया ने स्वीकार किया कि रूपा से वह प्रेम करता था। रूपा भी उससे प्रेम करती थी। दोनों शादी करना चाहते थे।

दरअसल 2018 बैच की पुलिस अवर निरीक्षक रूपा तिर्की का शव पुलिस लाइन स्थित उनके क्वार्टर में तीन मई की रात फंदे से लटका मिला था। इस मामले में यूडी केस दर्ज किया गया था। बाद में राजमहल इंस्पेक्टर राजेश कुमार के बयान पर उस केस को हत्या के लिए उकसाने की धाराओं में परिवर्तित किया गया। जांच के लिए गठित एसआइटी ने आठ मई को शिव को पूछताछ के लिए बुलाया था। एसआइटी के प्रमुख तत्कालीन डीएसपी संजय कुमार के समक्ष उसका बयान कलमबंद हुआ था। पूछताछ के बाद शिव को नौ मई को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। बाद में कांड की जांच साहिबगंज के पुलिस निरीक्षक शशिभूषण चौधरी को सौंपी गई। उन्होंने तीन जून को ही यहां कोर्ट में कनौजिया के विरुद्ध आरोपपत्र समर्पित कर दिया था। मामले का ट्रायल चल रहा है। इसी बीच कोर्ट के निर्देश पर सीबीआइ ने जांच शुरू कर दी।

Edited By: Mritunjay