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CBI के हत्थे चढ़े तीन अधिकारियों की कारस्तानी का पूरा खुलासा, CISF हेड कांस्टेबल की शिकायत पर खुला रिश्वतखोरी का खेल

Published: Sun, 30 Aug 2026 03:32 PM (IST)

CBI ने रांची में क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय के तीन अधिकारियों को 48,400 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।

CBI: केंद्रीय अनुसंधान ब्यूरो। (प्रतीकात्मक फोटो)

CBI: केंद्रीय अनुसंधान ब्यूरो। (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. सीबीआई ने रांची में तीन अधिकारियों को रिश्वत लेते पकड़ा।

  2. सीआईएसएफ हेड कांस्टेबल की शिकायत पर हुई कार्रवाई।

  3. बिल भुगतान के लिए 50 हजार रुपये की मांग की थी।

जागरण संवाददाता, धनबाद।  CBI की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) रांची ने रिश्वतखोरी के मामले में तीन दिन पहले क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय, रांची के तीन अधिकारियों को 48,400 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार अधिकारियों में वरिष्ठ लेखा अधिकारी संतोष महतो, सहायक लेखा अधिकारी सुनील कुमार और सुजीत सिंह शामिल थे।

सीबीआइ ने गिरफ्तारी के मामले में जो प्राथमिकी दर्ज की है उसमें तीनों अधिकारियों की भ्रष्टाचार की पूरी कहानी सामने आई है। यह प्राथमिकी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित CISF यूनिट मेजा ऊर्जा निगम (NTPC) के हेड कांस्टेबल रविकांत त्रिपाठी की शिकायत पर दर्ज की गई है।

त्रिपाठी की यूनिट के विभिन्न प्रकार के बिलों का भुगतान करने के लिए आरोपितों ने 50 हजार रुपये की मांग की थी। राशि नहीं देने पर उनके बिल का भुगतान रोक दिया गया। इस बात का खुलासा त्रिपाठी की शिकायत पर सीबीआई की ओर से दर्ज प्राथमिकी में किया गया है।

प्राथमिकी के अनुसार त्रिपाठी ने भुगतान के लिए अपने सारे बिल रीजनल पे एंड अकाउंट्स आफिस (आरपीएओ) सीआइएसएफ रांची को भेजा था। शिकायत में यह भी आरोप है कि आरपीएओ सीआइएसएफ के असिस्टेंट अकाउंट आफिसर सुनील कुमार और अकाउंट आफिसर संतोष कुमार महतो ने इन लंबित बिलों की प्रोसेसिंग और भुगतान के लिए 50,000 रुपये तक की अनुचित रिश्वत की मांग की थी। जबकि त्रिपाठी यह रिश्वत नहीं देना चाहते थे।

शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने इसकी गुप्त रूप से 17 अगस्त को जांच की। प्रथम दृष्टया सीबीआई को पता चला कि सुनील कुमार ने संतोष कुमार महतो के साथ आपराधिक मिलीभगत करके अनुचित लाभ की मांग की।

शिकायतकर्ता के एक सहयोगी, उमा शंकर मिश्रा के लंबित टीए और सीईए बिलों को प्रोसेस और क्लियर करने तथा पीपीओ जारी करने के रिश्वत लेने को तैयार थे। 50 हजार रुपये की जगह कुछ कम रुपये में सहमति बनी।

जांच में यह भी पता चला कि सुनील कुमार व संतोष कुमार महतो के साथ ही गांधी नगर धनबाद के रहने वाले सीआइएसएफ के एक अन्य लेखा अधिकारी सुजित कुमार सिंह को भी इसमें संलिप्त पाया गया। इसके बाद सीबीआई ने रांची स्थित कार्यालय और आवास तथा गांधी नगर समेत कुल पांच जगहों पर एक साथ छापामारी की और रिश्वत की राशि लेते हुए गिरफ्तार किया।