नावागढ़: एक तो खरखरी कोलियरी घाटे में चल रही है। दूसरी ओर उत्पादित कोयले का भंडारण बढ़ता जा रहा है। लोकल सेल को लेकर कोयले का डिसपैच भी बाधित है। खदान में पानी की वृद्धि भी तेजी से हो रही है। ऐसे में खदान के अस्तित्व पर खतरा दिखने लगा है। कर्मियों का कहना है कि पंप की समुचित व्यवस्था नहीं रहने के चलते खदान में पानी का स्तर बढ़ा है। प्रबंधन खरखरी कोलियरी को बंद करने का साजिश रच रहा है। इससे पूर्व भी प्रबंधन कई बार चानक को बंद करने की साजिश कर चुका है, लेकिन मजदूरों की एकता के आगे प्रबंधन को झुकना पड़ा। कोलियरी का मेन पवार लगभग चार सौ है। लोकल सेल चालू नहीं होने से सैकड़ों असंगठित मजदूरों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है। इधर प्रबंधन का कहना है कि कोयले की ट्रांसपोर्टिग के लिए दो दिन पूर्व गाड़ी गई थी, जिसे लोगों ने लौटा दिया था। लोकल सेल चालू करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कई माह से ट्रांसपोर्टिंग रोक रखा है। ------ क्षेत्रीय कार्यालय में प्रबंधन व यूनियन नेताओं की हुई बैठक में मौखिक बंदी का पुरजोर विरोध किया गया है। सभी श्रमिक संगठन के नेता व मजदूर एकजुट हो गए हैं। किसी कीमत पर खदान बंद नहीं होने दिया जाएगा। शेख रहीम, क्षेत्रीय सचिव, बीसीकेयू

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खरखरी कोलियरी में कोयले का उत्पादन नहीं के बराबर हो रहा है। घाटे के कारण उच्च प्रबंधन ने कोलियरी बंद करने का आदेश दिया है। क्षेत्रीय प्रबंधन इस मामले में गंभीरता पूर्वक विचार कर रहा है। सलील कुमार, एजीएम

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ग्रामीण ट्रांसपोर्टिग नहीं होने दे रहे हैं। दो दिन पूर्व ही कोयला लोड वाहन को खाली करवा कर वापस भेज दिया गया। पानी निकासी का कार्य चल रहा है। चार पंप लगाए गए हैं। खदान को कोई खतरा नहीं है।

एस बक्शी, पीओ

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