जागरण संवाददाता, धनबाद: राज्य सरकार के निर्देश पर जिले में पुरुष नसबंदी को लेकर अभियान चलाया जाएगा। इसकी तैयारी स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है। परिवार नियोजन को लेकर सदर अस्पताल के अलावा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष कैंप का आयोजन किया जाएगा। ऐसे लोगों को जागरूक करने के लिए विभाग ने प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया है।

हर वर्ष दिसंबर महीने में स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिवार नियोजन को लेकर विशेष कैंप लगाए जाते हैं। कोरोना संक्रमण काल की वजह से पिछले दो वर्षों में परिवार नियोजन को लेकर पुरुष नसबंदी नहीं हो रही थी। अब इस बार संक्रमण के मामले कम होने के बाद एक बार फिर अभियान शुरू किया जा रहा है।

अब तक मात्र 19 प्रतिशत पुरुषों ने लक्ष्य के अनुपात में कराई नसबंदी

धनबाद में इस वर्ष 1600 पुरुषों की नसबंदी करने का लक्ष्य स्वास्थ्य मुख्यालय ने निर्धारित किया था। लेकिन काफी कोशिश के बावजूद पुरुष नसबंदी लक्ष्य से काफी दूर रहा है। विभागीय आंकड़ों की मानें तो जिले में अब तक मात्र 19 प्रतिशत ही लक्ष्य की प्राप्ति हुई है। 1600 लोगों में मात्र 19 प्रतिशत ने ही पुरुष नसबंदी कराई, जबकि पुरुष नसबंदी के लिए सरकार प्रोत्साहन राशि भी देती है।

महिला ही नहीं चाहती उनके पति का नसबंदी हो

पुरुष नसबंदी को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां हैं। सिविल सर्जन डॉक्टर आलोक विश्‍वकर्मा ने बताया कि पुरुष नसबंदी को लेकर खासकर घर की महिलाएं ही रोक देती हैं। महिलाओं को लगता है कि पुरुष नसबंदी कराने से उनके पति कमजोर हो सकते हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। इसे लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यह बिल्कुल सुरक्षित शल्य क्रिया है और इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से पुरुष नसबंदी कराने वाले लाभुकों को दो हजार रुपए प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। ऑपरेशन के बाद ही यह कोशिश हो रही है कि संबंधित लाभुक को राशि मुहैया कराई जाए। इसके अलावा पुरुष नसबंदी के लिए राजी करने वाले प्रेरक को भी अलग से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

Edited By: Deepak Kumar Pandey

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट