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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नक्शे का गला घोंट खड़े किए जा रहे भवन, मॉल और अपार्टमेंट, अब जांच कराएगा धनबाद नगर निगम

By Jagran NewsEdited By: Deepak Kumar Pandey
Published: Sat, 12 Nov 2022 02:20 PM (IST)

नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार ने बताया कि शहर में अनाधिकृत रूप से भवन अपार्टमेंट और व्यावसायिक भवनों का निर्माण तेजी ...और पढ़ें

बिना नक्शा पास कराए या फिर नक्शे में गड़बड़ी कर भवन का निर्माण किया जा रहा है।
बिना नक्शा पास कराए या फिर नक्शे में गड़बड़ी कर भवन का निर्माण किया जा रहा है।

जागरण संवाददाता, धनबाद: धनबाद शहर में अवैध रूप से बने अपार्टमेंट और मॉल की जांच एक बार फिर से नगर निगम करेगा। इसके लिए नगर आयुक्त सत्येन्द्र कुमार ने जांच कमेटी बनाई है। कमेटी का अध्यक्ष सहायक नगर आयुक्त प्रकाश कुमार को बनाया गया है। नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार ने बताया कि शहर में अनाधिकृत रूप से भवन, अपार्टमेंट और व्यावसायिक भवनों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। कई ऐसे नए इलाके हैं जो विकसित हुए हैं। निर्माण में स्वीकृत प्लान का विचलन भी किया जा रहा है। विभिन्न वार्डों में प्रत्येक सप्ताह कम से कम तीन दिनों तक जांच अभियान चलाया जाएगा।

जांच टीम में जेई मनोज कुमार सिंह, सिटी मैनेजर कुणाल कुमार सिंह, जेई शिव शंकर राय, राजेश कुमार और टैक्स कलेक्टर शामिल किए गए हैं। पिछले दिनों जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में निर्णय के आधार पर नगर निगम में शहर में अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है। इसी आधार पर टीम का गठन किया गया है। तीन अलग-अलग टीम मिलकर अभियान चलाएगी। इसमें सहायक नगर आयुक्त प्रकाश कुमार स्टीलगेट से कोर्ट मोड़ और बैंक मोड़ अभियान का नेतृत्व करेंगे। सिटी सेंटर, स्टेशन रोड और हीरापुर में कार्यपालक पदाधिकारी मोहम्मद अनीस करेंगे। पुलिस लाइन और सरायढेला में सहायक नगर आयुक्त कंचन कुमारी भदोलिया नेतृत्व करेंगी।

कमेटी गठन से पहले प्रथम दृष्टया जांच पड़ताल में यह बात सामने आई थी कि बिना नक्शा पास कराए या फिर नक्शे में गड़बड़ी कर भवन का निर्माण किया जा रहा है। इसमें अपार्टमेंट और मॉल तेजी से विकसित हुआ है। कई नए इलाके मसलन बाबूडीह, बारामुड़ी, सरायढेला, हीरक रोड, मेमको मोड़, गोविंदपुर बलियापुर रोड आदि में तेजी से निर्माण किए गए हैं। नगर निगम के अनुसार निगम क्षेत्र में लगभग 2500 अपार्टमेंट हैं। इसके साथ ही 80 से अधिक मॉल बन चुके हैं। गड़बड़ी पाए जाने पर निर्माण तोड़ने के साथ ही नगरपालिका एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं निर्माण तोड़े जाने पर होने वाला खर्च भी संबंधित प्रतिष्ठान या व्यक्ति से वसूला जाएगा।