बोकारो, जेएनएन: बोकारो स्टील ने एक बार फिर अपना काम व प्रदर्शन का लोहा मनवाया है। कंपनी के कामगारों का प्रदर्शन व प्रबंधन की नीति ने कोरोना काल में बोकारो स्टील को नंबर वन कुर्सी पर बैठा दिया है। कंपनी ने पीएम नरेन्द्र मोदी के आपदा को अवसर में बदलने के स्लोगन पर काम किया और सेल में सबसे पहले पायदान पर पहुंच गया।

राउरकेला व भिलाई जैसे बड़े संयंत्र बोकारो स्टील से पीछे रहे। इस मुनाफे के बाद संभावना है कि सेल कर्मियों के लंबित मांगों पर कंपनी जल्द ही कुछ निर्णय करेगी। कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 के जारी वित्तीय परिणाम में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के बोकारो स्टील प्लांट ने 2251 करोड़ रुपये का कर पूर्व लाभ अर्जित कर वित्तीय वर्ष 2019-20 के 48 करोड़ रुपये के कर पूर्व लाभ के मुक़ाबले वृहत बढ़ोत्तरी दर्ज की है।

बीएसएल ने वर्ष 2020-21 में लगभग 3.45 मिलियन टन सेलेबल स्टील का विक्रय कर 16020 करोड़ रुपये का टर्न ओवर भी अर्जित किया है जबकि वित्तीय वर्ष 2019-20 में बीएसएल ने 13170 करोड़ रुपये का टर्न ओवर अर्जित किया था।

2020-21 में बोकारो स्टील प्लांट ने एच आर प्लेट एवं एच आर शीट के उत्पादन में 2019-20 की तुलना में 2.7 % की बढ़ोत्तरी तथा सीआरएम-3 से सी आर सेलेबल के उत्पादन में विगत वर्ष की तुलना में 1.5 % की बढ़ोतरी दर्ज की. बीएसएल ने गत वर्ष ब्लास्ट फर्नेस-1 से हॉट मेटल उत्पादन, सी आर क्वाइल फॉर सेल (सीआरएम-3) तथा ग्रेन्युलेटेड स्लैग उत्पादन में नये वार्षिक रिकॉर्ड बनाये इनके अलावा 3 फर्नेस परिचालन से हॉट मेटल उत्पादन, आधुनिकीकरण के उपरान्त एच आर क्वाइल का उत्पादन, ग्रेन्युलेटेड स्लैग उत्पादन, ग्रॉस सिन्टर उत्पादन, पीएलटीसीएम, बैफ एवं एसपीएम से उत्पादन, सीआर सेलेबल उत्पादन इत्यादि में सर्वश्रेष्ठ मासिक प्रदर्शन रहा. इसी प्रकार गत वर्ष बीएसएल में कई नए तिमाही व छमाही उत्पादन रिकॉर्ड बने जिसमें गत वर्ष की चौथी छमाही में सीआरएम-1, 2 एवं 3 से सी आर सेलेबल तथा सीआरएम-3 से सी आर क्वाइल फॉर सेल में अब तक का सर्वश्रेष्ठ तिमाही उत्पादन रिकॉर्ड दर्ज किया गया. टेक्नो- इकोनॉमिक पैरामीटर्स में बीएफ-1 तथा 4 फर्नेस परिचालन की प्रोडक्टिविटी, बी एफ-1 तथा बी एफ-3 के कोक रेट एवं सीडीआई रेट तथा वाटर कंसम्पशन और ग्रेन्युलेटेड स्लैग के डिस्पैच में नये वार्षिक रिकॉर्ड बने.

डिस्पैच के क्षेत्र में 2020-21 में बोकारो स्टील प्लांट ने एच आर प्लेट एवं एच आर शीट के उत्पादन में 2019-20 की तुलना में 2.4 % की बढ़ोत्तरी तथा सीआरएम-3 से सी आर सेलेबल के उत्पादन में विगत वर्ष की तुलना में 16.3% की बढ़ोतरी दर्ज की.

प्लांट के आधुनिकीकरण एवं विस्तारीकरण के लिए मार्च महीने में पर्यावरण स्वीकृति मिलना भी बीएसएल के लिए एक बड़ी उपलब्धि रही. इस कड़ी में नए एसएमएस-1 के एल एफ एवं कास्टर से 27 जनवरी को प्रथम हीट के उत्पादन के साथ नियमित तौर पर प्रचालन आरंभ हो गया है. आधुनिकीकृत नई एसएमएस-1 वर्तमान में 66% क्षमता के साथ कमीशन हो गई है और लगातार इसका संवर्धन किया जा रहा है. नए एसएमएस-1 के परिचालन में आने के फलस्वरूप अब पुराने इनगॉट रूट से स्टील उत्पादन पूरी तरह से बंद हो जाएगा और बीएसएल आधुनिक कंटीन्यूअस कास्टिंग रूट से ही स्टील का उत्पादन करेगी जो अधिक ऊर्जा कुशल है.

गत वर्ष बीएसएल ने सोलर इंडस्ट्री के लिए SAILCOR ग्रेड, बोइलर्स/प्रेशर वेसल्स केलिए ASTMA A516 GR70 ग्रेड, EN-10025-2 S235JR ग्रेड सहित कई अन्य नए स्टील ग्रेड भी विकसित किए.

उत्पादन में उत्कृष्टता के साथ –साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बेहतर प्रदर्शन के लिए गत वर्ष बीएसएल को रीसाइकिलिंग एंड वेस्ट मैनेजमेंट की श्रेणी में ग्रीनटेक पर्यावरण एक्सलेन्स अवार्ड से नवाज़ा गया.

वित्तीय वर्ष 2020-21 में बीएसएल ने देश की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ चीन सहित कई देशों को 332818 टन इस्पात निर्यात की. जबकि यूरोपीय बाज़ार में इटली को पहली बार सी ई मार्क सर्टिफिकेशन के साथ 12436 टन इस्पात आपूर्ति करने का गौरव भी प्राप्त किया. इस प्रकार गत वर्ष अपने उत्पादों के निर्यात में बीएसएल ने लगभग 68% की बढ़ोत्तरी दर्ज की.

बोकारो स्टील प्लांट अपने प्रदर्शन के स्तर को लगातार बेहतर बनाने के प्रति कटिबद्ध है और चालू वित्तीय वर्ष में भी नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तत्पर है.

Edited By: Atul Singh