संवाद सहयोगी, राजगंज: एक सप्ताह से ससुराल में बंद दरवाजे के सामने इंसाफ के लिए बैठी पत्नी को ग्रामीणों का साथ मिला। दैनिक जागरण में प्रमुखता से खबर छपने के बाद प्रशासन भी हरकत में आया। रविवार की देर शाम करीब 7 बजे पुलिस ग्रामीणों के सहयोग से दरवाजा में लगा ताला को तोड़ कर पत्नी को अंदर प्रवेश कराया। शाम करीब पांच बजे जरमुनई गांव की महिलाएं एक जुट होकर पीड़िता से मिली और उसका हौसला बढ़ाया। महिला सहित ग्रामीणों का कहना था कि एक बेटी के साथ अन्याय हो रहा है। लिखित गुहार लगाने के बाद प्रशासन मदद नही कर रहा है। पिछले 8 दिनों से ससुराल के बंद दरवाजे के सामने पड़ी है और साथ में उसकी मां भी है। दोनों महिला की सुरक्षा का सवाल है। अगर किसी प्रकार की अनहोनी हो जाए तो इसकी जिम्मेवारी कौन लेगा। सास ससुर घर का ताला लगाकर चले गए हैं। पति कोई सुध नही ले रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन को 24 घंटा का मोहलत देते हुए कहा कि बहु को इंसाफ नही मिला तो मंगलवार को राजगंज थाना का घेराव किया जाएगा। चेतावनी का भनक लगते ही पुलिस रेस हो गई। वार्ड सदस्य कमलेश सिंह ने पुलिस मामले से अवगत कराया। बताया कि एक बेटी को इंसाफ के लिए ग्रामीण महिला पुरुष उसके साथ खड़े है। इसके बाद देर शाम पुलिस जरमुनई पहुंचकर ग्रामीणों के मौजूदगी में घर का ताला तोड़ पत्नी एवं इसकी मां को अंदर प्रवेश कराया। राजगंज पुलिस द्वारा किए गए कार्य को ग्रामीणों ने काफी सराहना किया।

डालटनगंज निवासी डिकी अग्रवाल का विवाह जरमुनई गांव के मनीष अग्रवाल के साथ पिछले वर्ष नवंबर माह में हुई थी। पति-पत्नी में इतनी कड़वाहट हो गई कि सात महीने के बाद पत्नी के लिए ससुराल का दरवाजा बंद कर दिया गया। पति कोलकाता में काम कर रहा है। शादी के 2 माह बाद पत्नी को कोलकाता ले गया था, जहां कुछ माह रखने के बाद मायके पहुंचा दिया। एक माह गुजर जाने के बाद पति संपर्क करना बंद कर दिया। बाध्य होकर पत्नी अपने मां के साथ ससुराल चली आई। दोनों को देख सास ससुर घर का मुख्य दरवाजा बंद कर कहीं चले गए।

मां, बेटी के पहुंचने के बाद दोनों के खाने-पीने का जिम्मा स्थानीय ग्रामीणों ने उठा रखी थी। रात को एक महिला रात में जागकर दोनों की सुरक्षा देखती थी। सभी डिकी के ससुरालवालों एवं इनके स्वजनों को कोस रहे थे। रविवार को पुलिस ने उसे घर में अंदर प्रवेश करा दिया।

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डिकी अग्रवाल का सास ससुर घर का दरवाजा बंद कर सप्ताह से फरार है। इसका पति को फोन किया गया। लेकिन वह नही आया। अंतत: ग्रामीण एवं पुलिस के सहयोग से घर का ताला तोड़कर महिलाओं को अंदर प्रवेश कराया गया। पत्नी को घर का अधिकार है, जो कोई छीन नहीं सकता।

---- संतोष कुमार, थाना प्रभारी, राजगंज

Edited By: Jagran