जागरण संवाददाता, धनबाद : जन्म प्रमाण पत्र नगर निगम ने बनाया है या फिर जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने वालों ने कोई फर्जीवाड़ा किया है। जल्द ही अब इसकी वास्तविकता सामने आ जाएगी। क्योंकि जिला शिक्षा अधीक्षक ने नगर निगम से जमा किए गए जन्म प्रमाण पत्रों की सत्यता की जांच कर पूरी जानकारी मांगी है। दरअसल जिले के पब्लिक स्कूलों में बीपीएल कोटे में होने वाले दाखिले के क्रम में जिले में तीन दर्जन से भी अधिक आवेदन ऐसे पाए गए, जिनका जन्म प्रमाण पत्र संदिग्ध थे। बड़ी संख्या में पाए गए संदिग्ध जन्म प्रमाण पत्रों के मिलने से विभाग के होश उड़ गए। मामला उपायुक्त के संज्ञान में आया और उसकी जांच का जिम्मा एडीएम विधि व्यवस्था को सौंपी गई। इस बीच लॉटरी की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया। उपायुक्त के आदेश के बाद जब लॉटरी की प्रक्रिया शुरू किया तो फिर 10 जन्म प्रमाण पत्र संदिग्ध मिल गए। इनमें से तीन प्रमाण पत्र नगर निगम क्षेत्र का है। अब यह जन्म प्रमाण पत्र सही या नहीं इसकी जांच के लिए जिला शिक्षा अधीक्षक इंद्र भूषण सिंह ने नगर निगम के कार्यपालक पदाधिकारी सह निबंधक को पत्र लिखकर तीन छात्रों के जन्म प्रमाण पत्र का ब्यौरा सौंपा है। डीएसई इंद्र भूषण सिंह ने बताया कि नगर निगम से जन्म प्रमाण पत्रों के सत्यता पुष्टि करने का अनुरोध किया गया है। साथ ही उनसे कहा गया कि अभिलेखों का मिलान कर यह बताया जाए कि इन तीनों छात्रों का जन्म प्रमाण पत्र आपके यहां से निर्गत किया गया है या नहीं। यदि यह प्रमाण पत्र गलत पाए जाते हैं तो न सिर्फ इसे रद किया जाएगा बल्कि इसे जमा करनेवालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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