भूली: जेएनएन। रविवार सुबह गोन्दूडीह कोलियरी स्थित खुली खदान (ओपन कास्ट प्रोजेक्ट) में नहाने के दौरान डूबने वाले वासेपुर मारूफगंज निवासी मो. जावेद के बड़े पुत्र मो. अरमान का शव 36 घंटे बीत जाने के बावजूद अब तक निकाला नहीं जा सका है। गमजदा परिवारवालों के साथ-साथ आसपड़ोस के सैकड़ों लोग सोमवार सुबह से ही गोन्दूडीह ओपन कास्ट प्रोजेक्ट के पास अपने पुत्र के शव को निकाले जाने की आस में टकटकी बांधे डटे हुए रहे लेकिन सोमवार देर शाम तक अरमान का शव खदान से निकाला नही जा सका। सोमवार सुबह से ही बीसीसीएल के अधिकारी व गोन्दूडीह पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर डटी रही इस दौरान खदान में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वालों पर सख्ती बरती गई।

माइंस रेस्क्यू टीम भी लौटी खाली हाथ: बीसीसीएल की एकमात्र आपदा प्रबंधन टीम माइंस रेस्क्यू टीम भी गोन्दूडीह ओपन कास्ट प्रोजेक्ट पहुंची करीब आधे घण्टे तक क्षेत्र के अधीनस्थ पदाधिकारियों व जानकार कर्मचारियों के साथ विचार विमर्श के बाद रेस्क्यू टीम ट्यूब और झग्गड़ के सहारे शव को तलाशने का काम शुरू किया लेकिन टीम के पास पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण शव का सुराग नहीं लग पाया जिसके बाद रेस्क्यू टीम बेरंग लौट गई। गोन्दूडीह कोलियरी प्रबन्धक अनिल सिंह ने बताया कि रेस्क्यू टीम को बुलाया गया था लेकिन शव निकाला जा सका।

अब एनडीआरएफ टीम का भरोसा: रविवार को हुए इस घटना के बाद छात्र अरमान के शव नहीं निकले जाने से वासेपुर के लोग काफी आक्रोशित और मर्माहत दिखे। सोमवार को वासेपुर,कुसुंडा,खरिकाबाद,गोधर,बसेरिया आदि क्षेत्रों के सैकड़ो लोग लगातार घटनास्थल पर जमे रहे। बीसीसीएल प्रबन्धन द्वारा रेस्क्यू टीम के खाली हाथ लौटते ही लोग एनडीआरएफ टीम को बुला शव ढूंढने और शव को बाहर निकालने की मांग करने लगे। वही दोपहर के बाद से बीसीसीएल के पदाधिकारियों के चले जाने से लोगों में आक्रोश बढ़ता रहा और जैसे ही देर शाम वार्ड 14 के पार्षद निसार आलम घटनास्थल पहुंचे लोग एकस्वर में एनडीआरएफ टीम को बुलाने की बात कहने लगे। वार्ड पार्षद निसार आलम ने लोगों को समझाया कि देर शाम तक एनडीआरएफ की टीम धनबाद पहुंच जाएगी रेस्क्यू का काम यदि रौशनी की पर्याप्त व्यवस्था और मौसम सही रहा तो शव को ढूंढकर निकालने का प्रयास जारी हो जायेगा फिलहाल टीम रास्ते में हैं जल्द ही धनबाद पहुंचेगी।

अगर शुरू रहती जलापूर्ति तो नहीं होती ऐसी घटनाः रविवार को हुए इस मार्मिक घटना के बाद छात्र अरमान के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है तो वही आसपास क्षेत्र के लोगों में बीसीसीएल प्रबन्धन के खिलाफ आक्रोश है लोगो के अनुसार यदि इस खुले खदान की फेंसिंग कर जलापूर्ति बीसीसीएल कर्मियों की मौजूदगी में शुरू रहती तो ऐसी घटना घटित नहीं होती। आनन् फानन में बीसीसीएल प्रबन्धन ने खदान के मुख्य प्रवेश मार्ग पर कर्मी शेड बनाकर फेंसिंग रोप पाइप लगाने का काम किया है इससे पूर्व यदि जलापूर्ति शुरू कर काम किया जाता तो ऐसी घटना नही होती।

Posted By: mritunjay

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