बोकारो, जेएनएन। यूपी के औरैया में सड़क हादसे में मारे गए बोकारो के 11 प्रवासियों के शवों को सोमवार को बोकारो लाया गया। इसके बाद बोकारो के चास प्रखंड स्थित दुर्घटना के शिकार प्रवासियों के गांवों में शवों का ले जाया गया।  परिजनों ने पार्थिव शरीर का दर्शन किया। इसके तुरंत बाद अंतिम संस्कार किया गया। तीन शवों को दफनाया गया। जबकि 8 शवों को श्मशान घाट में जलाया गया। दूसरी तरफ हादसे में घायल बोकारो के एक और प्रवासी की मृत्यु हो गई है। उसका इलाज औरैया में ही चल रहा था। इसी के साथ मरने वाले बोकारो के प्रवासी मजदूरों की संख्या 12 हो गई है। 

यूपी सरकार की तरफ से शवों को बोकारो भेजा गया। सोमवार करीब 8.30 बजे बिहार-झारखंड की सीमा पर बोकारो जिला प्रशासन ने यूपी पुलिस से शवों को प्राप्त किया। इसके बाद एंबुलेंस से बोकारो लाया गया। मालूम हो कि यूपी के औरैया में 15 मई की रात ट्रक और ट्राला टक्कर में 26 मजदूरों की माैत हो गई थी। इनमें बोकारो के 11 प्रवासी मजदूर शामिल थे। औरेया सड़क हादसे में मारे गए मजदूरों के शवों को लाने को लेकर रविवार को दिनभर चले ट्विटर वार के बीच उप्र शासन ने दोपहर बाद नवाबगंज, इलाहाबाद में वाहन उपलब्ध कराए। इससे 11 शव व दो घायलों को लेकर उप्र के हेड कांस्टेबल आशाराम व श्याम सिंह शाम सात बजे इलाहाबाद से झारखंड के लिए रवाना हुए।

सीएम के ट्वीट के बाद बोकारो से 12 एंबुलेंस झारखंड बॉर्डर भेजे गए। उपायुक्त मुकेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश के आलोक में एंबुलेंस को भेजा गया है। साथ में एक मजिस्ट्रेट व पुलिस बल को भी भेजा गया है ताकि शवों को ससम्मान लाया जा सके। 

Posted By: Mritunjay

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