धनबाद, जेएनएन। विपक्ष के नेताओं का आपस में ही भरोसा नहीं रहा। कांग्रेस के मंच पर झामुमो और झामुमो के मंच पर कांग्रेस के नेता नहीं दिखते। जीतने के बाद इनमें कौन किस पर भरोसा करेगा, सोचनेवाली बात है। ये सिर्फ सत्ता के भूखे हैं जो सत्ता में शेयर बढ़ाने के लिए अपनी फिराक में लगे हैं। कहना था भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री सुनील देवधर का। देवधर मंगलवार को भाजपा के चुनाव कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि रांची के रास्ते में आने वाला जलेबिया मोड़ किसी समय में लूट और राहजनी के लिए कुख्यात था। आज वह पर्यटन स्थल है। हेमंत सोरेन स्वयं वहां खड़ा होकर सेल्फी लेते हैं। ऐसा इसलिए कि भाजपा के पास विजन है। वह जलेबिया मोड़ को पर्यटन स्थल बना सकती है। हेमंत नहीं बना सकते। उनके पास विजन होता तो वे कांग्रेस के पास नहीं जाते। कांग्रेस से जो सटा उसे उसने डुबो दिया है।

देवधर ने हेमंत के दो जगह से चुनाव लडऩे पर भी सवाल उठाया। कहा कि एक बार जब बरहेट से जीत गए तो दुबारा दो जगह से लडऩे का क्या मतलब है। साफ है कि उन्हें हार का डर सता रहा है। आत्मविश्वास नहीं है। आदिवासियों को भड़काना ही उनका काम रह गया है। वे लोगों को भड़का रहे कि कृषि आशीर्वाद का पैसा लिया तो तुम्हारी जमीन ले ली जाएगी। ये नक्सली की भाषा बोल रहे। आदिवासियों ने जिस तरह केंद्रीय योजनाओं को अपनाया है उससे साफ है कि वे इनके चंगुल से निकल रहे हैं।

एनआरसी और कैब पर सरकार को बधाई : त्रिपुरा में भाजपा की जीत के सारथी रहे देवधर ने कहा कि भाजपा जो कहती है वह करती है। हमने कहा हम 370 हटाएंगे हमने हटाया। हमने कहा राष्ट्रीय स्तर पर एनआरसी लागू होगा तो हमने वह बिल भी लाया। प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को बधाई कि उन्होंने सिटिजन अमेंडमेंट बिल लाया ताकि बांग्लादेश, पाकिस्तान में जो ङ्क्षहदू प्रताडि़त हो रहे हैं उन्हें नागरिकता दी जा सके। एनआरसी के जरिये बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर भी निकालना जरूरी है। इन्होंने झारखंड के कई जिलों में भी जबरदस्त घुसपैठ कर ली है।

Posted By: Mritunjay

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