जागरण संवाददाता, धनबाद: पेट्रोलियम पदार्थो की मूल्य वृद्धि के विरोध में सोमवार को विपक्ष ने बंद तो बुलाया, पर मुद्दे को भुनाने की बजाय खुद मुद्दा बन गया। अब तो आम लोग भी यही सवाल कर रहे हैं कि बंद वाकई विरोध के लिए बुलाया गया था या पिकनिक मनाने के लिए।

बंद समर्थकों को पुलिस ने मैत्रीपूर्ण माहौल में दिन के 11 बजे हिरासत में ले लिया। बिना किसी विरोध के 59 बंद समर्थकों को धनबाद थाने लाया गया। गिरफ्तारी के बाद काग्रेस, राजद, झामुमो, झाविमो एवं वामपंथी संगठनों से जुड़े समर्थकों ने थाने में छक कर नाश्ता किया। बोतलबंद पानी पिया और अंत में चाय की चुस्की भी ली। आखिर में पत्तल, ठोंगें, कागज के प्लेट, और पानी की खाली बोतलें वहीं छोड़ निकलते बने। जाते हुए समर्थकों को जब वहा खड़े सिपाहियों ने टोका तो समर्थकों ने कहा- सफाई करना मोदी का काम है। इतना कहकर ठहाके मार सभी चलते बने।

धनबाद थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि 59 बंद समर्थकों को गिरफ्तार किया गया था। गंदगी फैलाने के मामले में पूछने पर उन्होंने बताया कि बंद समर्थकों को एक जिम्मेवार नागरिक होने का परिचय देना चाहिए था। उन्होंने सफाईकर्मियों को बुला सफाई कराने की बात कही।

जेल में चल कचौड़ी-जलेबी की पार्टी: धनबाद थाने में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ब्रजेंद्र प्रसाद सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष रवींद्र वर्मा के साथ दर्जनों समर्थकों को दिन भर रखा गया। भूख लगी तो कचौड़ी-जलेबी पार्टी हुई। कांग्रेसी धनबाद बंद कराने निकले थे, लेकिन कार्यकारी जिलाध्यक्ष की दुकान ही खुली रही।

फोटो सेशन करा निकल गए पूर्व मंत्री: भारत बंद के दौरान पूर्व मंत्री कांग्रेस नेता मन्नान मल्लिक ने सिर्फ फोटो खिंचवाने तक अपने को सीमित रखा। वह अपनी गाड़ी से रणधीर वर्मा चौक पहुंचे। लुंगी पहने पूर्व मंत्री गाड़ी से उतरे। समर्थकों के साथ फोटो खिंचवाया और चलते बने।

Posted By: Jagran