जासं, झरिया: देश में कई माह से चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में किसान संगठनों, वामपंथी पार्टियों, यूनियनों और गैर भाजपाई दलों की ओर से 27 सितंबर के भारत बंद का भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ ने विरोध किया है। बंद से अलग रहते हुए धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ के महामंत्री रामधारी ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया है।

कहा कि कुछ किसान संगठनों व राजनीतिक दलों की ओर से बंद का प्रभाव नहीं पड़ा है। बंद के समर्थन में कुछ श्रम संगठनो की ओर से समर्थन दिए जाने को औचित्यहीन बताया है। कहा कि धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ के पदाधिकारी और सदस्यों के अलावा कोल कर्मी भी इस आंदोलन से पूरी तरह से अलग हैं। कुछ राजनैतिक पार्टियों, संगठनों के इशारे पर केवल राजनैतिक स्वार्थ प्राप्त करने के उद्देश्य से बंद किया गया है। इसका देश के किसानों और मजदूरों की समस्याओं से कोई लेना देना नही है। भारतीय मजदूर संघ और धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ ने इस राजनैतिक आन्दोलन से स्वयं को अलग रखा है। भारतवर्ष बंद के दौरान अलग रहने का निश्चय किया है।

कोलियरियों में बंद का नहीं रहा असर 

भारत बंद के दौरान सोमवार को झरिया के कोलियरियों आउटसोर्सिंग परियोजनाओं में असर नहीं देखा गया। आम दिनों की तरह कोल कर्मी काम पर आए। अधिकांश आउटसोर्सिंग परियोजनाओं में मजदूर काम करते देखे गए। कोयला उत्पादन भी जारी रहा। कोलियरी प्रबंधन का कहना है कि भारत का बंद का कोयला उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। आम दिनों की तरह काम चल रहा है।

Edited By: Atul Singh