जागरण संवाददाता, धनबाद। बहुत कम ही ऐसा होता है कि सामाजिक उत्तरदायित्व निर्वहन को आधार बनाकर न्यायालय फैसला दे। ऐसा ही एक फैसला मंगलवार को धनबाद के प्रधान एवं जिला सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार चौधरी ने सुनाया। अवैध शराब कारोबारी की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने बाढ़ राहत कोष में 15 हजार रूपये जमा कराने कराने की शर्त पर बेल दी। साथ ही आरोपित को दस-दस हजार रूपये के दो मुचलके जमा करने का भी आदेश दिया।

मामला अवैध शराब फैक्ट्री संचालित करने के मामले में जेल में बंद डिगवाडीह निवासी जगजीवन राम की जमानत को लेकर था। जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान न्यायाधीश चौधरी ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए कहा कि यदि आरोपित केरल बाढ़ राहत कोष में 15 हजार जमा करेगा तो उसे जमानत पर मुक्त करने का आदेश दिया जा सकता है। अदालत के इस निर्देश पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता समर श्रीवास्तव ने राहत कोष में रुपये जमा करने पर सहमति जताई। इसके बाद अदालत ने जगजीवन राम को 10 हजार के दो मुचलके पर जमानत पर मुक्त करने का आदेश दिया।

बताते हैं कि जगजीवन राम 10 अगस्त से न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद है। 12 जुलाई 2018 की शाम पुलिस ने गुप्ता सूचना पर जगजीवन राम को जोड़ापोखर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके घर से अवैध शराब बनाने का भारी मात्रा में सामान भी जब्त किया।

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