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सिजुआ भू-धंसान: किशोर की मौत पर दूसरे दिन भी हंगामा, शव रखकर प्रदर्शन जारी; ‍BCCL के खिलाफ थाने में शिकायत

Published: Wed, 09 Sep 2026 06:23 PM (IST)

Dhanbad Land Subsidence: किशोर विक्रम की मौत के बाद सिजुआ भू-धंसान मामले में दूसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन जारी है। परिजनों ने शव रखकर मुआवजा और नौकरी की मांग की।

बीसीसीएल सिजुआ एरिया के सामने शव के साथ प्रदर्शन करते स्वजन। (फोटो जागरण)

बीसीसीएल सिजुआ एरिया के सामने शव के साथ प्रदर्शन करते स्वजन। (फोटो जागरण)

HighLights

  1. मोदीडीह भू-धंसान में 10 वर्षीय किशोर विक्रम की मौत।

  2. परिजनों ने शव रखकर मुआवजा और नौकरी की मांग की।

  3. सीएमडी समेत अधिकारियों के खिलाफ अवैध खनन की शिकायत।

जागरण संवाददाता, कतरास (धनबाद)। बीसीसीएल के सिजुआ क्षेत्र में मोदीडीह में भू-धंसान से 10 वर्षीय किशोर विक्रम कुमार की मंगलवार सुबह मौत के बाद से लोगों का आक्रोश जारी है। बुधवार को धनबाद के SNMMCH में पोस्टमार्टम हुआ। 

पोस्टमार्टम के बाद स्वजन करीब डेढ़ बजे शव को एंबुलेंस से लेकर बीसीसीएल के सिजुआ एरिया कार्यालय के सामने पहुंचे। शव को रखकर धरना पर बैठ गए। स्वजन मुआवजा और नौकरी की मांग कर रहे हैं।

दूसरी तरफ बीसीसीएल के सिजुआ क्षेत्र के मोदीडीह कोलियरी क्षेत्र में भू-धंसान से 10 वर्षीय बालक विक्रम कुमार की मौत के मामले में शिकायत की है। यह शिकायत विक्रम कुमार के पिता भीम बहादुर उर्फ गुड्डू कुमार ने जोगता थाना में दर्ज कराई है।

भीम बहादुर उर्फ गुड्डू ने जोगता थाना में लिखित शिकायत देकर बीसीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक एवं सिजुआ क्षेत्र के महाप्रबंधक पर घटना का जिम्मेवार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है।

गुड्डू ने शिकायत में कहा है कि आठ सितंबर की अहले सुबह जोरदार आवाज के साथ भू-धंसान की घटना हुई। इसमें मेरा एवं अन्य लोगों का भी घर जमींदोज हो गया। भू-धंसान क्षेत्र बीसीसीएल के सिजुआ क्षेत्र के मोदीडीह कोलियरी अंतर्गत आता है।

इस मामले की अनेकों बार प्रबंधन से लिखित शिकायत की गई थी, लेकिन बीसीसीएल का कार्य उदासीन रहा था। जिसके कारण यह घटना घटित हुई है।

मोदीडीह कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी संतोष कुमार चौधरी, सिजुआ क्षेत्र के जीएम निरक्षर चक्रवर्ती, सीएमडी मनोज अग्रवाल की मिलीभगत से अवैध माइंस चलाया गया था। जिसके कारण यह भू-धंसान हुई। इसके कारण 10 घर जमींदोज हो गए।

इसमें मेरे घर का सारा सामान, मेरी पत्नी चांद देवी, पुत्री आरती कुमारी, पूजा कुमारी, पुत्र बाला कुमार, विक्रम कुमार जमींदोज हो गए थे। जिन्हें ग्रामीणों के द्वारा निकाला गया और सभी को निचितपुर क्लीनिक में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। इसमें मेरे पुत्र विक्रम कुमार की मौत हो गई।

यह भू-धंसान अवैध उत्खनन के कारण हुई है, जिसमें मेरे पुत्र की मृत्यु हो गई। इसलिए उपरोक्त अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।