धनबाद : गुणवत्तापूर्ण कोयला आपूर्ति की शपथ व साल भर चले अभियान के बाद ताजा खबर यह है कि पावर प्लांटों को घटिया कोयला भेजे जाने के कारण बीसीसीएल को 1364.49 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। पावर प्लांटों उक्त राशि देने से साफ इन्कार कर दिया है। इससे कंपनी का 2017-18 में घाटा 1989.51 करोड़ रुपये पहुंच गया है। खराब गुणवत्ता के कारण कटौती को छोड़ दिया जाय तो नुकसान को छोड़ दिया जाए तो घाटा करीब 611 करोड़ रुपये होता है। बीसीसीएल ने कोल इंडिया व मंत्रालय को भेजी अपनी रिपोर्ट में इसका जिक्र किया है।

सूत्रों के अनुसार पावर प्लांटों के पास फंसी राशि में से 415 करोड़ रुपये पाने का प्रयास कर रही है। पावर प्लांट व अन्य कंपनियां इस दावे को भी नजरअंदाज कर रही हैं।

इधर कंपनी के अंदर इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि खराब गुणवत्ता के कारण इतना भारी नुकसान के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। हर एरिया में फीडरब्रेकर, ग्रेजली लगे होने के बावजूद घटिया कोयले की आपूर्ति कैसे हो रही है, यह जांच का विषय है।

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घटिया कोयले के चलते की गई कटौती

एरिया राशि (लाख में)

बरोरा 16491.51

ब्लॉक टू 17572.50

गोविंदपुर 13529.38

कतरास 12132.78

सिजुआ 7632.04

कुसुंडा 17944.33

पीबी 33.66

बस्ताकोला 12446.18

लोदना 11003.54

ईजे 66.73

सीवी 11701.79

डब्ल्यूजे 235.76

सीसीडब्ल्यू 3902.93

मधुबन 416.17

सेल्स विभाग 11259.10

कोलकाता ऑफिस 81.55

(कुल 136449.95 लाख ) किस कंपनी ने कितनी राशि रोकी :

- सेल 48.79 करोड़

- यूपीआरवीयूएनएल 147.40 करोड़

- एनटीपीसी 179.42 करोड़

- डब्ल्यूपीडीसीएल 156.77 करोड़

- डीवीसी 590.10 करोड़

- अन्य 242.38 करोड़

Posted By: Jagran

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