BCCL की कोयला ई-नीलामी 18 सितंबर को, बोली से पहले स्टॉक की गुणवत्ता जांचने की सलाह
बीसीसीएल की सितंबर 2026 की कोयला ई-नीलामी 18 सितंबर को होगी, जिसमें लगभग 6.97 लाख टन कोयला बिक्री के लिए उपलब्ध होगा।

बीसीसीएल में कोयले की ई-नीलामी। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
बीसीसीएल की कोयला ई-नीलामी 18 सितंबर को होगी।
लगभग 6.97 लाख टन कोयला बिक्री के लिए उपलब्ध है।
खरीदारों को बोली से पहले स्टॉक निरीक्षण करना अनिवार्य।
जागरण संवाददाता, धनबाद। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) की सितंबर 2026 की कोयला ई-नीलामी 18 सितंबर को होगी। इस बार कंपनी ने खरीदारों के लिए खास तौर पर स्पष्ट किया है कि बोली लगाने से पहले संबंधित कोलियरी या वाशरी में उपलब्ध कोयले का स्टाक देखकर उसकी गुणवत्ता और स्थिति से खुद संतुष्ट हो लें।
बीसीसीएल प्रबंधन इस पर अधिक जोर दे रहा है। ताकि बाद में किसी प्रकार का गुणवत्ता सहित अन्य विवाद न हो। ई-नीलामी में करीब 6.97 लाख टन कोयला और कोयला उत्पाद बिक्री के लिए रखे गए हैं। ई-नीलामी एमएसटीसी के माध्यम से होगी।
बीसीसीएल के मार्केटिंग एंड सेल्स डिवीजन की ओर से 11 सितंबर को जारी सूचना के अनुसार, डे-वन की ई-नीलामी में मुनीडीह, न्यू पाथरडीह वाशरी, भोजूडीह वाशरी, दुग्धा वाशरी और बीसीसीएल-टाटा स्टील से जुड़े वाशिंग स्रोतों से कोयला उपलब्ध कराया गया है। कोयला का उठाव व रेल व सड़क मार्ग से होगा। रेल मार्ग से अधिक कोयला की निलामी होगी।
कंपनी ने साफ किया है कि यह ई-नीलामी कोलियरियों और वाशरी में उपलब्ध स्टाक की बिक्री के लिए की जा रही है। इसलिए बोली लगाने से पहले खरीदारों को स्टॉक का निरीक्षण कर लेना चाहिए।
न्यू पाथरडीह से सबसे ज्यादा दो लाख टन डब्ल्यूपीसी
डे-1 की सूची में न्यू पाथरडीह वाशरी से दो लाख टन वाश्ड पावर कोल (डब्ल्यूपीसी) बिक्री के लिए रखा गया है। इतनी ही मात्रा यानी दो लाख टन अनग्रेडेड कोयला, रिजेक्ट भोजूडीह वाशरी से उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा बीसीसीएल-टीएसएल वाशिंग वेंचर से भी दो लाख टन डब्ल्यूपीसी की बिक्री होगी।
मुनीडीह से 20 हजार टन कोयला
मुनीडीह से कुल 20 हजार टन कोयला ई-नीलामी में रखा गया है। इसमें डब्ल्यू-03 और डब्ल्यू-04 ग्रेड का कोयला शामिल है। दुग्धा वाशरी से 2,500 टन डब्ल्यूपीसी और दुग्धा से करीब 74,400 टन एसएलवाई श्रेणी का कोयला बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है।
खरीदारों को एमएसटीसी में कराना होगा पंजीकरण
ई-नीलामी में भाग लेने वाले खरीदार, उपभोक्ता और व्यापारी एमएसटीसी के माध्यम से पंजीकरण करा सकेंगे। पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के साथ निर्धारित बयाना राशि (ईएमडी) जमा करना जरूरी होगा।
सफल बोलीदाताओं को कोयले का मूल्य और आवश्यक दस्तावेज 30 सितंबर 2026 तक जमा करने होंगे।
अपने उपयोग के लिए खरीदने वालों को टीसीएस में मिलेगी छूट
अपने उपयोग के लिए कोयला खरीदने वाले सफल बोलीदाताओं को ई-नीलामी के अगले कार्य दिवस पर निर्धारित प्रपत्र की स्कैन प्रति और सेवा प्रदाता से प्राप्त बिक्री सूचना पत्र ई-मेल से भेजना होगा। इसके आधार पर उन्हें स्रोत पर कर कटौती यानी टीसीएस से छूट का लाभ मिल सकेगा।
रैक लोडिंग में रेलवे की समय-सीमा का रखना होगा ध्यान
वाशरी उत्पाद की रेल रैक से लोडिंग करने वाले खरीदारों को भी कंपनी के निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। जो खरीदार अपने इंतजाम से रैक लोडिंग करेंगे, उन्हें रेलवे की ओर से निर्धारित निश्शुल्क लोडिंग अवधि के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
