धनबाद में कोयला उत्पादन में बाधा डालने वालों पर बीसीसीएल सीएमडी का कड़ा रुख, सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कोयला उत्पादन और डिस्पैच में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
आशीष अंबष्ठ, धनबाद। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) ने कोयला उत्पादन और उत्पादकता को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मंगलवार को आयोजित जीएम समन्वय समिति' की उच्चस्तरीय बैठक में सीएमडी ने स्पष्ट किया कि बेवजह कोयला उत्पादन, डिस्पैच ठप करने वाले तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने सभी क्षेत्र के महाप्रबंधकों (एरिया जीएम) को निर्देश दिया है कि जो भी व्यक्ति या समूह परिचालन में बाधा उत्पन्न करता है, उसके खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उत्पादन और सुरक्षा पर जोर
बैठक के दौरान सीएमडी ने वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण को देखते हुए उत्पादन लक्ष्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कोयला देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए उत्पादन प्रक्रिया में किसी भी तरह का गतिरोध बर्दाश्त नहीं है।
प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि छोटे-छोटे विवादों या बेवजह की मांगों को लेकर माइनिंग ऑपरेशन रोकना कंपनी और राष्ट्र दोनों के हित में नहीं है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर प्रभावी कदम उठाने की बात कही गई।
उत्पादन के साथ-साथ सीएमडी ने 'सुरक्षा' को सर्वोपरि बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि उत्पादन बढ़ाने के दबाव में सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न किया जाए। खदानों में कार्यरत हर कर्मचारी की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रबंधन की पहली जिम्मेदारी है।
कोयला चोरी और गुणवत्ता पर जीरो टॉलरेंस
बैठक में कोयला चोरी रोकने और गुणवत्ता बनाए रखने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सीएमडी ने कहा कि कोयले की चोरी रोकने के लिए चेकपोस्टों पर निगरानी बढ़ाई जाए और गश्त तेज की जाए।
इसके अलावा, उपभोक्ताओं को आपूर्ति किए जाने वाले कोयले की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए वाशरी और लोडिंग पॉइंट पर कड़ी निगरानी रखने का आदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि अच्छी गुणवत्ता वाला कोयला ही बीसीसीएल की साख को मजबूती प्रदान करेगा।
समन्वय समिति की बैठक के मुख्य बिंदु
- उत्पादकता में वृद्धि: सभी क्षेत्रों को दिए गए दैनिक और मासिक लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करने का निर्देश।
- अवैध खनन पर रोक: सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर कोयला चोरी के हॉटस्पॉट्स पर कार्रवाई।
- अनुशासन: कार्यस्थल पर अनुशासनहीनता और काम रोकने वाले आंदोलनों के खिलाफ कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल।
- तकनीकी सुधार: उत्पादन बढ़ाने के लिए नई मशीनों और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर बल।
क्षेत्रीय महाप्रबंधकों को अल्टीमेटम
सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने सभी एरिया जीएम को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर सक्रिय रहें। यदि किसी क्षेत्र में बिना किसी ठोस कारण के उत्पादन ठप होता है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में उपस्थित अधिकारियों को यह दिशा निर्देश दिया गया कि बीसीसीएल अब अपने लक्ष्यों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं है।
इस बैठक में बीसीसीएल के विभिन्न विभागों के निदेशक, सभी क्षेत्रों के महाप्रबंधक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस कड़े रुख से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में बीसीसीएल क्षेत्रों में सुरक्षा और उत्पादन को लेकर और अधिक सक्रियता देखने को मिलेगी।
