देश के बिजलीघरों के लिए बीसीसीएल बढ़ाएगा वाश्ड कोल का डिस्पैच, रोज तीन रेक भेजने का निर्देश
बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने पाथरडीह वाशरी से विद्युत संयंत्रों के लिए वॉश्ड पावर कोल का डिस्पैच एक ...और पढ़ें

सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने डिस्पैच बढ़ाने का दिया निर्देश।
HighLights
पाथरडीह वाशरी से कोयला डिस्पैच तीन रेक प्रतिदिन होगा।
सीएमडी ने सिजुआ क्षेत्र की पांच खदानों का निरीक्षण किया।
विद्युत संयंत्रों की बढ़ती कोयला मांग पूरी की जाएगी।
जागऱण संवाददाता, धनबाद। विद्युत संयंत्रों में बढ़ती कोयले की जरूरत को देखते हुए पाथरडीह वाशरी से वाश्ड पावर कोल का डिस्पैच बढ़ाया जाएगा। बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने अधिकारियों को वर्तमान एक रेक प्रतिदिन के डिस्पैच को बढ़ाकर तीन रेक प्रतिदिन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने रविवार को पाथरडीह वाशरी के निरीक्षण के दौरान यह निर्देश दिया।
सीएमडी ने कहा कि बिजली क्षेत्र की मांग के अनुरूप कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन से लेकर डिस्पैच तक पूरी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना होगा। इसके लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग और परिचालन दक्षता बढ़ाना जरूरी है।
इससे पहले सीएमडी ने सिजुआ क्षेत्र की अमलगमेटेड सेंद्रा बांसजोरा, निचितपुर, तेतुलमारी, मुदीडीह और कनकनी खदानों का निरीक्षण किया। उन्होंने खदानों में चल रहे खनन कार्यों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से उत्पादन एवं परिचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली।
उन्होंने खदानों की परिचालन आवश्यकताओं की समीक्षा करते हुए उत्पादन क्षमता के बेहतर उपयोग, परिचालन दक्षता में सुधार और कोयला डिस्पैच बढ़ाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। साथ ही, उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल और परिचालन स्तर पर आने वाली समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सिजुआ क्षेत्र की खदानों के निरीक्षण के बाद सीएमडी ने पाथरडीह वाशरी का दौरा किया। वहां उन्होंने विद्युत संयंत्रों के लिए वाश्ड पावर कोल के डिस्पैच की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विद्युत क्षेत्र की बढ़ती मांग को देखते हुए वाशरी से कोयला आपूर्ति बढ़ाना जरूरी है।
सीएमडी ने उत्पादन से लेकर डिस्पैच तक पूरी आपूर्ति श्रृंखला में बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को परिचालन संबंधी जरूरतों की पहचान कर उनका त्वरित समाधान करने और संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बीसीसीएल की ओर से विद्युत क्षेत्र की बढ़ती मांग को देखते हुए कोयला उत्पादन और डिस्पैच व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है, ताकि बिजली संयंत्रों को पर्याप्त और समयबद्ध कोयला उपलब्ध कराया जा सके। मौके पर सिजुआ एरिया के जीएम निर्झर चक्रवर्ती, लोदना एरिया के जीएम एके सिन्हा समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
