धनबाद, जेएनएन। 19 माह पहले धनबाद के पुराना बाजार में 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' की गोलियों से जख्मी रहमतगंज पांडरपाला के जमीन कारोबारी पप्पू खान उर्फ पप्पू पाचक की आखिरकार शुक्रवार शाम मौत हो गई। डेढ़ साल पहले 25 जून 2017 को ईद की चांद रात के मौके पर शहर के पुराना बाजार में शूटरों ने उन्हें ताबड़तोड़ गोली मार दी थी। हमले में पप्पू को नौ गोलियां शरीर में लगी थी जबकि छर्रे के 16 जख्म उनके शरीर पर मिले थे। हमले में बुरी तरह जख्मी पप्पू पाचक का तब से लगातार दुर्गापुर मिशन अस्पताल से लेकर विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा था लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। गुरुवार को तबीयत बिगडऩे के बाद उन्हें शहर केअशर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां शुक्रवार रात को उनकी मौत हो गई। 

मृतक के भाई मिस्टर खान ने बताया कि हमले के बाद से ही वह चिकित्सकीय देखरेख में इलाजरत थे।  हमले के दौरान रीढ़ की हड्डी के पास लगी गोली का जख्म उन्हें बिस्तर से उठने नहीं दे रहा था। गुरुवार रात इसी कारण उनकी तबीयत बिगड़ी और फिर उनकी मौत हो गई। अस्पताल सूत्रों के अनुसार वे सेप्टीसीमिया शॉक में चले गए थे। इस कारण उन्हें न सिर्फ सांस लेने में दिक्कत हो रही थी बल्कि शरीर के कई अंगों ने भी काम करना बंद कर दिया था।  

जमीन कारोबार के कारण हुई थी अदावतः  मृतक पप्पू पाचक के भाई मिस्टर खान ने बताया कि जमीन कारोबार के कारण कई लोगों से पप्पू की अदावत थी। घटना के बाद पुलिस ने पप्पू की पत्नी शमा परवीन की शिकायत पर जमशेदपुर घाघीडीह जेल में बंद वासेपुर के फहीम खान, बेटा इकबाल खान, भाई शेर खान और भतीजा चीकू खान के खिलाफ साजिश रचने और जानलेवा हमला करने का मुकदमा दायर किया गया था। पुलिस को बताया गया था कि 2008 में पप्पू के भाई ग्यास की हत्या भी कर दी गई थी। 2009 में उनके घर पर बम से भी हमला हुआ था। पप्पू ने भी अस्पताल में पुलिस को यही बयान दिया था। शुक्रवार शाम को अशर्फी अस्पताल में मौत के बाद परिजन शव को लेकर घर चले गए। 

 

Posted By: mritunjay