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ट्रेनों का बिगड़ा शेड्यूल: बरकाकाना-आसनसोल मेमू रद, धनबाद-चंडीगढ़ स्पेशल 21 घंटे लेट

Published: Wed, 17 Jun 2026 01:36 AM (IST)

बरकाकाना-आसनसोल मेमू अचानक रद्द होने से सैकड़ों यात्री परेशान हुए, वहीं धनबाद-चंडीगढ़ स्पेशल ट्रेन 21 घंटे से अधिक लेट हो ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बरकाकाना-आसनसोल मेमू बिना पूर्व सूचना के रद्द।

  2. धनबाद-चंडीगढ़ स्पेशल ट्रेन 21 घंटे से अधिक लेट।

  3. सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस 25-26 अक्टूबर को रद्द रहेगी।

जागरण संवाददाता, धनबाद। बरकाकाना से आसनसोल जानेवाली मेमू सोमवार को अचानक रद कर दी गई। बगैर किसी पूर्व सूचना के ट्रेन होने से सैंकड़ों यात्री परेशान रहे। सुबह की ट्रेन रद होने से शाम में आसनसोल से बरकाकाना जानेवाली मेमू के पहिए भी थम गये।

दूसरी ओर, धनबाद-चंडीगढ़ स्पेशल ट्रेन की लेटलतीफी ने यात्रियों को फिर परेशान किया। 10 घंटे लेट खुलने के कारण रास्ते में 21 घंटे से अधिक लेट हो गई। मुरादाबाद से मार्ग परिवर्तन के कारण लेटलतीफी और बढ़ गई।

तड़के 4:30 के बदले देर रात लगभग 12 बजे पहुंची। विलंब से पहुंचने के कारण चंडीगढ़ से सुबह 5:40 के बदले 21 घंटे लेट से चलने की सूचना जारी की गई।

सोमवार देर रात 2:40 पर चंडीगढ़ से खुलने की संभावना है। लेट खुलने से धनबाद आगमन देर रात या एक दिन बाद होने की संभावना है।

सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस रद

धनबाद होकर चलने वाली 12987 सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस 25 अक्टूबर तथा वापसी में 26 अक्टूबर को चलने वाली 12988 अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस रद रहेगी। जयपुर मंडल के मंडावरिया-किशनगढ़ के बीच ब्रिज पर तकनीकी कार्य के कारण दोनों ओर से ट्रेन नहीं चलेगी।

 रेलवे ने बंद किया पुल, दो माह बाद भी नहीं शुरू हुआ काम

बोकारो के बालीडीह से नयामोड़ को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क पर स्थित रेलवे पुल को क्षतिग्रस्त बताते हुए रेलवे ने चारपहिया वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया था।

उस समय जिला प्रशासन को आश्वस्त किया गया था कि लगभग दो माह के भीतर आवश्यक मरम्मत कार्य पूरा कर पुल को फिर से चालू कर दिया जाएगा, लेकिन निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद पुल पर किसी प्रकार की उल्लेखनीय मरम्मत या निर्माण गतिविधि शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

इस मार्ग के बंद रहने से बालीडीह, नयामोड़ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को लंबा चक्कर लगाकर आवागमन करना पड़ रहा है। व्यवसायिक गतिविधियों के साथ-साथ दैनिक यात्रियों को भी अतिरिक्त समय और खर्च वहन करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल बंद करने के बाद रेलवे ने समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की है। इस मुद्दे को उठाते हुए झामुमो के जिलाध्यक्ष रतन लाल मांझी ने राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।

उन्होंने कहा कि पुल बंद होने से हजारों लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। रेलवे ने प्रशासन को जो समयसीमा बताई थी, उसका पालन नहीं किया गया। ऐसे में राज्य सरकार को रेलवे अधिकारियों से वार्ता कर शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू कराने और पुल को आवागमन के लिए खोलने की दिशा में पहल करनी चाहिए।