धनबाद, जेएनएन। लॉकडाउन के दाैरान रात के समय अब धनबाद में और सख्ती बरती जाएगी। रात 7 बजे से प्रातः 7 बजे तक बेवजह घर से निकलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम राज महेश्वरम ने  आदेश जारी कर रात 7:00 बजे से प्रातः 7:00 बजे तक होम डिलीवरी पर भी रोक लगा दिया है। रात में घर से निकलने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है।

 

धनबाद के अनुमंडल दंडाधिकारी राज महेश्वरम ने तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक संपूर्ण जिले में दं प्र सं की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश दिया है। संध्या 7:00 बजे से प्रातः 7:00 बजे तक किसी भी प्रकार की होम डिलीवरी नहीं करने और लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने का भी आदेश दिया है। साथ ही 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति, गर्भवती महिला एवं 10 वर्ष के बच्चों के लिए भी, चिकित्सीय कार्य को छोड़कर, घरों से बाहर नहीं निकलने का आदेश दिया है। घरों से बाहर निकलने पर मास्क या फेस कवर पहनना अनिवार्य किया गया है। 

 

अनुमंडल दंडाधिकारी ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण 23 मार्च 2020 को धारा 144 के तहत 2 माह के लिए निषेधाज्ञा का आदेश जारी किया गया था। 2 माह की अवधि समाप्त होने पर पुनः तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए संपूर्ण धनबाद जिले में निषेधाज्ञा लागू की जाती है।

निषेधाज्ञा के लागू होने पर एक स्थान पर 5 या 5 से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं होंगे। धनबाद अनुमंडल क्षेत्र में किसी भी प्रकार के खेलकूद से संबंधित सभी आयोजन / सांस्कृतिक महोत्सव / धार्मिक महोत्सव /सरकारी भवनों / प्राइवेट सभागार / अधिवेशन भवन / धर्मशाला आदि में आरक्षण को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आदेश दिया गया है। इस अवधि में किसी भी प्रकार के आरक्षण की अनुमति नहीं होगी। 

धनबाद अनुमंडल क्षेत्र के सभी भीड़ वाले पर्यटक स्थल / सरकारी पार्क / जैविक उद्यान / सभी सिनेमा हॉल / मल्टीप्लेक्स, सभी प्रकार के कार्यक्रम जहां 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों की उपस्थिति होने की संभावना है, तो वैसे कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं होगी। निषेधाज्ञा की अवधि में अंतर राज्य के वाहनों के परिचालन एवं यात्रा करने वाले यात्रियों पर निगरानी रखते हुए सरकार के द्वारा निर्देशित जांचोंपरांत अपने गंतव्य तक जाने की अनुमति होगी।

यदि कोई व्यक्ति राज्य सरकार द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश का अनुपालन एवं आवश्यक वांछित सूचना ससमय उपलब्ध कराने में असहयोग करते हैं तो उन पर आईपीसी 1860 की धारा 270 के तहत एवं सीआरपीसी 1973 के तहत धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई की जाएगी।

यदि कोई कोविड-19 से पीड़ित या क्वॉरेंटाइन या आइसोलेशन वार्ड में भर्ती व्यक्ति बिना कोई सूचना दिए चिकित्सालय से भाग जाते हैं तो वैसे व्यक्ति पर भी जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं करने या दिशानिर्देश का अवहेलना करने के आरोप में आईपीसी 1860 की धारा 270 के तहत एवं सीआरपीसी 1973 के तहत धारा 144 उल्लंघन के तहत कार्रवाई की जाएगी।

किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों पर नियमसंगत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सभी नागरिक अपने घर में रहेंगे। बुनियादी आवश्यकता की पूर्ति के क्रम में बाहर जाने पर शारीरिक दूरी के दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। अनुमंडल दंडाधिकारी ने कहा कि आवश्यक सेवा प्रदान करने वाले कार्यालय एवं प्रतिष्ठान इन प्रतिबंधों से बाहर रहेंगे।

 

Posted By: Mritunjay

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