धनबाद, जेएनएन। बलियापुर के व्यवसायी सह समाजसेवी राकेश कुमार ग्रोवर (65) ने मंगलवार को अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से कनपटी पर गोली मारकर खुदकशी कर ली। बलियापुर हीरक मोड़ के बंद पेट्रोल पंप के कार्यालय से उनका शव बरामद किया गया। इस घटना से बलियापुर में शोक की लहर दौड़ गई।

दोपहर में राकेश अपने चार पहिया वाहन से पेट्रोल पंप पहुंचे थे। इसके बाद कार्यालय में बैठकर काम करने लगे। ड्राइवर व पंपकर्मियों को यह कह कर घर भेज दिया कि शाम पांच बजे आना। इसके बाद कार्यालय का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। शाम पांच बजे के बाद कर्मी वापस आए, लाइट जलाई। कार्यालय बंद देख दरवाजा खोलने के लिए आवाज लगाई। तब तक राकेश के पार्टनर चिंकू अग्रवाल भी पहुंच गए। दरवाजा नहीं खुलने पर चिंकू कार्यालय के पीछे गए। वहां खिड़की को धक्का देकर खोला। अंदर देखा कि राकेश खून से लथपथ गिरे पड़े हैं। तब दरवाजा तोड़कर कार्यालय में गए। पास ही रिवॉल्वर पड़ी थी। तत्काल परिजनों को बताया। घरवाले आए व उनको जालान अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उनकी दायीं कनपटी पर गोली का निशान था।

मौके पर मिला रिवॉल्वर जब्त : राकेश चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। उनके परिवार में पत्नी व दो पुत्रियां हैं। दोनों पुत्रियों की शादी हो चुकी है। पुलिस ने पेट्रोल पंप कार्यालय में ताला लगा दिया है और आत्महत्या के कारणों की पड़ताल में लगी है। पुलिस ने मौके पर मिला रिवॉल्वर जब्त कर लिया।

मंगलवार सुबह दिल्ली से लौटे थे : ग्रोवर मंगलवार की सुबह ही दिल्ली से सियालदह राजधानी एक्सप्रेस से धनबाद पहुंचे थे। उन्हें स्टेशन लेने के लिए उनका स्टाफ इम्तियाज शेख गया था। इम्तियाज के अनुसार वह उन्हें घर छोड़कर चला गया था। इधर राकेश के मित्र ददन सिंह ने बताया कि ग्रोवर ने नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी के एक प्रोजेक्ट पर काम किया था। काम पूरा होने के बावजूद कंपनी उनके छह करोड़ रुपये का भुगतान नहीं कर रही थी। इससे वह तनाव में थे।

मौत के कारण अभी स्पष्ट नहीं : सिंदरी के डीएसपी एके सिन्हा ने कहा कि राकेश ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। पुलिस ने हथियार जब्त कर लिया है। परिजनों से पूछताछ की गई है। मौत के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पड़ताल की जा रही है। 

 

Posted By: Sagar Singh

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप