विधि संवाददाता, धनबाद: हार्डकोक व्यवसायी वरुण कुमार सिंह से रंगदारी मांगने के मामले में बाघमारा के भाजपा विधायक ढुलू महतो को आज भी अदालत से राहत नहीं मिली। धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार की अदालत ने विधायक के अधिवक्ता एसएन मुखर्जी, राधेश्याम गोस्वामी एवं अपर लोक अभियोजक कुलदीप शर्मा की दलील सुनने के बाद निचली अदालत से अभिलेख तलब की है।

अदालत ने विधायक की अग्रिम जमानत की अर्जी पर सुनवाई के लिए अब अगली तारीख निर्धारित कर दी है। गौरतलब है कि भाजपा के बाघमारा विधायक ढुलू महतो के खिलाफ कोयला कारोबारी वरुण सिंह ने बीते 16 फरवरी 2022 को रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए एफआइआर दर्ज कराई थी। राजगंज थाने में दर्ज कराई गई इस एफआइआर में विधायक समेत सात लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया था। मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए विधायक ने अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई है।

गौरतलब है कि इससे पहले बीते 20 सितंबर को इस मामले में कोर्ट में सुनवाई हुई थी। उस दौरान अदालत ने पुलिस से कांड दैनिकी तलब की थी।

मामले में इन्‍हें बनाया गया है नामजद आरोपित

मामले में बाघमारा विधायक ढुलू महतो के अलावा संतू महतो, आनंद शर्मा, सुखदेव महतो, रामेश्वर महतो, केदार यादव व कमल पांडेय को नामजद आरोपित बनाया गया है।

विधायक व उनके गुर्गों ने मांगी थी 10 लाख रुपये रंगदारी

प्राथमिकी में वरुण सिंह ने आरोप लगाया था कि उनके राजगंज के महेशपुर भट्ठे में निर्माण कार्य चल रहा था। कार्य को लेकर पिछले सात-आठ महीने से विधायक व उनके गुर्गे 10 लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे थे। रुपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी जाती थी। विधायक ने झूठे केस में फंसाने की भी धमकी दी। गौरतलब है कि इस मामले के चार आरोपितों आनंद शर्मा, रामेश्‍वर महतो, केदार यादव एवं कमल कुमार पांडेय की अग्रिम जमानत अर्जी अदालत बीते 19 जुलाई 2022 को ही खारिज कर चुकी है।

Edited By: Deepak Kumar Pandey

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