धनबाद, जेएनएन : कोरोना की दूसरी लहर के तेवर कम होने के बाद ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ रही है। एक तो घर वापसी कर चुके प्रवासी कामगार वापस बड़े शहरों की ओर काम की तलाश में लौट रहे हैं। साथ ही अरसे से घरों में कैद लोग खुली हवा में सांस लेने के लिए तीर्थस्थल या दूसरी शांत और प्राकृतिक जगह के लिए निकल रहे हैं। ऐसे में हरिद्वार और ऋषिकेश से अच्छी जगह और क्या हो सकती है। दो दिन बाद ही योग दिवस भी है। ऐसे में देवभूमि के इन दोनों जुड़ों शहरों में काफी लोग जा रहे हैं। पर आए दिन रेलवे के एकाएक लिए गए फैसले सफर पर संकट की स्थिति उत्पन्न कर रहे हैं। ताजा उदाहरण हावड़ा से योग नगरी ऋषिकेश जानेवाली दून एक्सप्रेस का है। बगैर किसी पूर्व सूचना के रेलवे ने 18 जून को हावड़ा से चलने वाली दून एक्सप्रेस को रद कर दिया। अभी थोड़ी देर पहले पूर्व रेलवे ने ट्विटर पर दून एक्सप्रेस के रद होने की सूचना जारी कर दी। धनबाद होकर हरिद्वार-ऋषकेश जानेवाली एकलौती ट्रेन दून ही है। ट्रेन रद होने से सैंकड़ों यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। कोरोना काल में कई पाबंदियां हैं। कई राज्यों ने 72 घंटे पहले तक का ही आरटीपीसीआर नेगेटिव को अनिवार्य किया है। जिन यात्रियों ने 18 जून को चलने वाली दून एक्सप्रेस के लिए रिपोर्ट ले ली थी। अब अगर बाद की तिथि में सफर करेंगे तो उन्हें परेशानी हो सकती है।

रेलवे ने ट्रेन रद होने का कारण फिलहाल नहीं बताया है। माना जा रहा है कि लखनऊ डिविजन में होनेवाले नॉन इंटरलॉकिंग के कारण इसे रद किया गया है। ठीक दो पहले भी ऐसे ही धनबाद आनेवाली कई ट्रेनों के रूट बदल दिए गए थे। मुंबई मेल, कालका-हावड़ा नेताजी एक्सप्रेस और चंबल एक्सप्रेस पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से पटना-झाझा की ओर मुड़ गई थी। मंगलवार की रात आनेवाली दून एक्सप्रेस बुधवार की सुबह लगभग नौ घंटे लेट से पहुंची थी। डाउन में लेट आने से हावड़ा से देर रात खुलकर तड़के धनबाद आई थी। 

Edited By: Atul Singh