जागरण संवाददाता, धनबाद: बीसीसीएल से रोजगार की मांग लगाए दर्जनों अप्रेंटिस (प्रशिक्षुओं) के सब्र का बांध बुधवार को टूट गया। इस दौरान बीसीसीएल प्रबंधन मुर्दाबाद समेत अन्‍य नारे लगाते हुए बीसीसीएल अप्रेंटिस दर्जनाें की संख्या में रणधीर वर्मा चौक पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

अप्रेंटिसशिप कर चुके मजदूरों का कहना है कि पूर्व में सांसद की उपस्थिति में हुए समझौते को भी चार महीने से अधिक हो जाने के बाद भी प्रबंधन पूरा नहीं कर रहा है। युवाओं का कहना है कि कंपनी के अधीन सैकड़ों आउटसोर्सिंग कंपनियां काम कर रही हैं, लेकिन अप्रेंटिसशिप कर चुके युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। धरना दे रहे लोगों ने कहा कि भारत सरकार के जितने भी प्रतिष्ठान हैं, वह अपने अप्रेटिंस को रोजगार दे रहे हैं, लेकिन कोल इंडिया का रवैया इस मामले में बेहद नकारात्‍मक है। युवाओं का कहना है कि अगर कंपनी तत्‍काल इसपर कोई उचित निर्णय नहीं लेती है तो युवा सड़क से लेकर कंपनी का गेट तक जाम करेंगे।

जनप्रतिनिधियों से भी नाराजगी

बुधवार को रणधीर वर्मा चौक पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने जनप्रतिनिधियों के प्रति भी नाराजगी जताई। कहा कि पिछले नौ दिन से सभी लोग कड़ाके की ठंड में रोजगार की मांग को लेकर कंपनी के मुख्यालय के समक्ष बैठे हैं, लेकिन स्थानीय विधायक, सांसद समेत कोई अन्‍य जनप्रतिनिधि अभी तक युवाओं का दर्द सुनने भी नहीं पहुंचा। धरना दे रहे युवाओं ने मामले में धनबाद उपायुक्त से दखल की अपील करते हुए कहा कि वह इस मामले में संज्ञान लें और न्याय दिलाने का काम करें।

आंदोलन का नेतृत्व अप्रेंटिस संघ धनबाद के महामंत्री सूरज कुमार ने किया। धरना-प्रदर्शन में पवन साव, सुनील गुप्ता, यजुदिन अंसारी, औरंगजेब अली, रवि, छोटू, बबलू, अखिलेश, संजय समेत अन्‍य अप्रेंटिस शामिल थे।

पिछली बार 54 दिन तक कोयला भवन के सामने किया था प्रदर्शन

गौरतलब है कि पिछली बार इन युवाओं ने लगातार 54 दिन तक कोयला भवन के सामने धरना दिया था। उस समय सांसद पीएन सिंह ने हस्तक्षेप कर प्रबंधन के साथ इनकी वार्ता कराई थी। तब प्रबंधन ने यह आश्‍वासन दिया था कि इन्हें आउटसोर्सिंग सहित अन्य कार्यों में समायोजित करने के लिए प्रयास किया जाएगा, लेकिन धरना समाप्त होने के बाद अबतक इनकी मांगों पर प्रबंधन ने विचार नहीं किया।

Edited By: Deepak Kumar Pandey

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