जागरण संवाददाता, धनबाद : मनसा, वाचा, कर्मणा से आजीवन इस उपाधि की मर्यादा का पालन करूँगा। इस शपथ के साथ ही बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के पहले दीक्षान्त समारोह का समापन हो गया। शपथ केने के दौरान छात्र छात्राओं के चेहरे पर खुशी के भाव साफ झलक रहे थे। डिग्री प्राप्त करने के बाद बीबीएमकेयू के इतिहास में दर्ज होने की खुशी भी दिखी।

इनकी बातों में भी यह साफ झलक रहा था। छात्रों ने कहा कि यह पल उनके लिए गर्व भर है। हां थोड़ी मायूसी कोरोना संक्रमण को लेकर जरूर देखी गई।

यह राज्य के किसी भी विश्वविद्यालय के लिए पहली बार है कि एक बार मे 60,307 डिग्रियां बांटी गई है। हालांकि सभागार में केवल 51 में से 47 गोल्ड मेडलिस्ट को डिग्री दी गई, जबकि शेष को उनके कॉलेजों से की इसका वितरण किया गया।

स्मारिका का विमोचन और नए भवन का हुआ उद्घाटन

रांची से ही राजपाल रमेश बैस और मुख्यंमंत्री हेमंत सोरेन ने नए भवन का उद्घाटन किया है। इसके साथ ही एक स्मारिका का भी विमोचन किया गया। कुलपति डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि 300 पेज की इस स्मारिका में विश्वविद्यलय के सथोङा काल से अब तक कि उपलब्धियों की कहानी लिखी हुई है।

संस्थापक सदस्यों का जताया आभार 

कुलपति ने अपने समभिधान के दौरान विश्विद्यालय के संस्थापक सदस्यों का भी आभार जताया। इस दौरान बीआईटी निदेशक, पूर्व प्रो वीसी, पूर्व सीसीडीसी, पूर्व रजिस्ट्रार, पूर्व प्रॉक्टर भी मौजूद थे। समारोह के दौरान ही कुलगीत लिखने वाले प्रो. देवेंद्र और लोगो बनाने वेक को भी 25-25 हज़ार रुपये नगद और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

Edited By: Atul Singh