जागरण संवाददाता, धनबाद। त्योहारी मौसम होने के कारण रविवार को दूकानों के खुला होने से बाजार में भीड़ भाड़ देख जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए सभी दुकानों को बंद करा दिया। इस दौरान हीरापुर हटिया सहित कई इलाकों में दुकानदारों के साथ दुकान बंद कराने गई प्रशासनिक टीम की बहस भी हुई। इस क्रम में कई स्थानों पर अप्रिय स्थिति पैदा होने की नौबत आ गई थी। जिसे वरीय अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद काबू में किया जा सका।

अनु्मंडल पदाधिकारी प्रेम कुमार तिवारी ने बताया कि जिला कंट्रोल रूम को सुबह से ही दुकानों के खुलने और काफी भीड़-भाड़ होने की शिकायत मिल रही थी। इसको लेकर स्थानीय अंचल अधिकारी प्रशांत लायक और प्रखंड विकास पदाधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम भेजकर दुकानें बंद कराई गई। तिवारी ने बताया कि राज्य सरकार ने कोरोना को लेकर अन्य दिनों का लाकडाउन तो वापस ले लिया है, लेकिन रविवार को यह प्रतिबंध अभी भी जारी है। इसी के तहत यह कारवाई की गई। टीम ने हीरापुर हटिया, लुबी सर्कुलर रोड, बैंक मोड़, पुराना बाजार, या बाजार, सरायढ़ेला सहित अन्य इलाकों में कार्रवाई की। दुकानदारों को आगे से ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी गई। उनको कहा गया कि आगे ऐसा करते पकड़े जाने पर उनपर नियमंसगत जुर्माना किया जाएगा।

वहीं जिला प्रशासन के इस कारवाई से दुकानदारों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। हीरापुर के एक दुकानदार ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि यह प्रशासनिक ज्यादती है। एक तो कोरोना को लेकर उन्होंने करीब डेढ़ साल तक दुकानें बंद रखी। अब किसी तरह से लोन लेकर दुबारा दुकानदारी जमाने की कोशिश कर रहे हैं तो जिला प्रशासन इस पर रोक लगा रहा है। खासकर जब पूजा का समय है, तो यह हमारी कमाई का समय होता है।

Edited By: Mritunjay