एबीएचए के 90 करोड़ खाते, डा. सुनील कुमार बर्नवाल के नेतृत्व में भारत की बड़ी उपलब्धि; IIT(ISM) गदगद
Ayushman Bharat Health Account (ABHA) ने 90 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है, जिसे डिजिटल स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. सुनील कुमार बर्णवाल।
HighLights
एबीएचए ने 90 करोड़ खातों का आंकड़ा पार किया।
डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल के नेतृत्व में यह उपलब्धि।
भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र।
जागरण संवाददाता, धनबाद। Ayushman Bharat Health Account-ABHA देश में आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (एबीएचए) की संख्या 90 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। इसे भारत के डिजिटल स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस सफलता के पीछे डा. सुनील कुमार बर्णवाल के नेतृत्व को अहम माना जा रहा है।
आइआइटी (आइएसएम) धनबाद के पूर्व छात्र डा. बर्णवाल वर्तमान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हैं। वह धनबाद के उपायुक्त रह चुके हैं।
डिजिटल हेल्थ मिशन को मिली नई मजबूती
डा. बर्णवाल के नेतृत्व में हासिल इस उपलब्धि पर धनबाद और झारखंड भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, एबीएचए का 90 करोड़ का आंकड़ा पार करना भारत को दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल और इंटरऑपरेबल स्वास्थ्य तंत्रों में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एबीएचए के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को एक विशिष्ट डिजिटल हेल्थ आईडी मिलती है, जिसके जरिए वह अपनी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को सुरक्षित रूप से संग्रहीत और साझा कर सकता है।
पैन आइआइटी एलुमनाई इंडिया ने दी बधाई
इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए पैन आइआइटी एलुमनाई इंडिया के महासचिव, आइआइटी आइएसएम एलुमनाई एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष तथा मार्श इंडिया के मुख्य रणनीतिक अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि यह उदाहरण दर्शाता है कि तकनीक और सार्वजनिक नीति मिलकर किस प्रकार राष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों का समाधान कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि आधार, यूपीआई और डिजीलॉकर के बाद एबीएचए भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की अगली बड़ी सफलता है। इससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनेंगी।
संस्थान के पूर्व छात्र देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे
अशोक कुमार ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड की सुविधा से मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा, अनावश्यक जांचों में कमी आएगी और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने कहा कि डा. सुनील कुमार बर्नवाल जैसे आइआइटी (आइएसएम) के पूर्व छात्र देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं और उनकी यह उपलब्धि संस्थान के लिए गर्व का विषय है।
वहीं, आइआइटी (आइएसएम) धनबाद ने भी डा. बर्णवाल को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी है। संस्थान को विश्वास है कि उनके नेतृत्व में भारत का डिजिटल स्वास्थ्य मिशन आने वाले वर्षों में और अधिक प्रभावशाली परिणाम देगा तथा करोड़ों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
