धनबाद, तापस बनर्जी। अगले शुक्रवार को धनबाद रेलवे स्टेशन का नजारा बदला-बदला सा दिखेगा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में यहां की बागडोर महिलाएं संभालेंगी। टिकट काउंटर पर सिर्फ महिला कर्मी ही टिकटें जारी करेंगी। बेटिकट यात्रियों से निपटने के लिए भी महिला टीटीई को उतारा जाएगा। कई साल से शुरू की गई यह पहल इस बार भी बदस्तूर जारी रहेगी। धनबाद मंडल में वर्तमान में 965 महिला कर्मी सेवारत हैं। इनमें 18 टीटीई के साथ-साथ ट्रेन चलाने वाली सहायक रेल चालक और सहायक स्टेशन मास्टर भी हैं।
सुरक्षा की जिम्मेदारी महिला आरपीएफ के हवालेः  यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी महिला आरपीएफ के हवाले होगी। महिला आरपीएफ अधिकारी अपने बटालियन के साथ मुस्तैद रहेंगी।
महिला यात्रियों से लिया जाएगा फीडबैकः  ट्रेनों में सफर करने वाली महिलाओं को किस तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ता है। महिला कोच में क्या दिक्कतें होती हैं। सुरक्षा की स्थिति कैसी है। महिला यात्रियों से यह सारे फीडबैक भी लिए जाएंगे। उससे डीआरएम व अन्य संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
महिलाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारीः टीटीई व सहायक स्टेशन मास्टर के के रूप में महिलाएं धनबाद, गोमो और बरकाकाना में सेवारत - सहायक रेल चालक पद पर आयी महिलाओं को रेलवे के कंट्रोल रूम में महत्वपूर्ण जिम्मेवारी सौंपी गई है।नक्सली गतिविधियों और अन्य विषम परिस्थितियों के कारण सहायक रेल चालकों को रेलगाड़ी चलाने की अनुमति नहीं गई है।

22 सालों से रेलवे से जुड़ी हूं। अपना बेस्ट देने की कोशिश करती हूं। यात्रियों से भी अच्छे व्यवहार की उम्मीद करती हूं।
-रूपा सेनगुप्ता, महिला बुकिंग क्लर्क

23 वर्षो से रेल सेवा में हूं। हर दिन हमें सम्मान मिले बस यही चाहती हूं। वैसे सारी महिलाओं के साथ काम करना काफी उत्साहवर्धक लगता है।
-रेखा कुमारी, महिला बुकिंग क्लर्क  

 

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