पुटकी, जेएनएन। बहुचर्चित चासनाला जैसी दुर्घटना होने से बीसीसीएल की पुटकी-बलिहारी परियोजना बच गई। इस खदान में अचानक तेज रफ्तार से पानी भरने लगा। इससे खदान में अफरातफरी मच गई। आठ पंप ऑपरेटर प्रथम पाली में रविवार सुबह साढ़े छह बजे खदान में ड्यूटी के लिए क्रेज से उतरे ही थे, तभी यह घटना घटी।

खदान में पानी भरते देख सभी पंप ऑपरेटर अनिष्ट की आशंका से घिर गए। क्रेज के प्लेटफॉर्म पर पानी बढ़ता जा रहा था लेकिन फंसे हुए ऑपरेटरों ने हिम्मत दिखाई। चार मजदूर प्लेटफॉर्म के समीप सतह से करीब पांच फीट ऊपर दीवार पर चढ़े और वहां लगे टेलीफोन से कंट्रोल रूम को पानी भरने की सूचना दी। कंट्रोल रूम से उन्हें एक नंबर चानक की ओर बढऩे की हिदायत दी गई। सभी मजदूर पानी से होते हुए दीवार व केबल के सहारे एक नंबर चानक के क्रेज के समीप पहुंचे। वहां से उन्हें ऊपर उठाया गया।

प्रशिक्षु एसीएम ने दिखाई सजगता : खदान में अचानक आए पानी के तेज बहाव को सबसे पहले प्रशिक्षु असिस्टेंट कोलियरी मैनेजर यशवंत रेड्डी ने देखा। पानी का शोर सुन उन्होंने सभी मजदूरों को आगाह किया और इकट्ठा कर उनका हौसला बढ़ाते रहे। वे सभी के साथ एक नंबर चानक से बाहर आए।

ये मजदूर फंसे थे अंदर : फंसे मजदूरों में रामप्रसाद महतो, विनोद कुमार, कालाचंद महतो, संतोष सिंह, रामधारी, मो. रफीक मियां, भगीरथ एवं शंभू दास और प्रशिक्षु एसीएम यशवंत रेड्डी थे।

सूचना मिलते ही जुटे पदाधिकारी व एक्सपर्ट : मजदूरों के अंदर फंसे होने की सूचना मिलते ही परियोजना पदाधिकारी वीके गोयल, कोलियरी प्रबंधक राजीव कुमार, एरिया एवं कोलियरी सेफ्टी ऑफिसर तत्काल मौके पर पहुंचे। खदान के सभी जानकार लोग कोलियरी परिसर पहुंचे और मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे रहे।

बाहर आते ही फफक कर रो पड़ा मजदूरः करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद सभी आठों मजदूरों व अधिकारी को खदान के दूसरे रास्ते एक नंबर चानक के क्रेज से सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली। उनके ऊपर आते ही सभी के चेहरे खिल उठे। ऊपर आते ही एक कर्मी शंभू दास फफक कर रो पड़े।

रस्सी और सीढ़ी के सहारे आए बाहरः मजदूरों ने बताया कि पानी बढऩे के बाद सभी मजदूर एक नंबर चानक के समीप पहुंचे। वहां से रस्सा और सीढ़ी के माध्यम से एक नंबर चानक के क्रेज से सभी मजदूर सकुशल ऊपर आए।

पीओ बोले, यह सामान्य घटनाः इस संबंध में परियोजना पदाधिकारी वीके गोयल ने बताया कि यह एक सामान्य घटना थी। खदान में किसी स्थान पर जमा पानी एकाएक वहां आ गया और मजदूर वहां घिर गए थे। सभी आठों मजदूरों को एक नंबर चानक के क्रेज से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पानी की धार धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सोमवार से खदान में कार्य सामान्य हो जाने की उम्मीद है। किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है।

Posted By: Mritunjay

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप