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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 04, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुफ्त नहीं हुई कोझिकोड से धनबाद तक प्रवासी मजदूरों की रेल यात्रा, हर एक से वसूले गए 860 रुपये Dhanbad News

By MritunjayEdited By:
Published: Mon, 04 May 2020 02:48 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 04 May 2020 04:38 PM (GMT+05:30)

केरल में फंसे मजदूरों को वापस लाने के लिए चली कोझिकोड-धनबाद स्पेशल ट्रेन में सफर मुफ्त नहीं था। हर मजदूर ...और पढ़ें

मुफ्त नहीं हुई कोझिकोड से धनबाद तक प्रवासी मजदूरों की रेल यात्रा, हर एक से वसूले गए 860 रुपये Dhanbad News
मुफ्त नहीं हुई कोझिकोड से धनबाद तक प्रवासी मजदूरों की रेल यात्रा, हर एक से वसूले गए 860 रुपये Dhanbad News

धनबाद, जेएनएन। 25 मार्च से लॉकडाउन के कारण विभिन्न राज्यों में फंसे मजदूरों और छात्रों की घर वापसी के लिए रेलवे विशेष ट्रेनों को चला रही है। इस मुद्दे पर राजनीति गरमाई हुई है। खासकर मजदूरों से किराया वसूली को लेकर। रेलवे ने साफ किया है कि यात्रियों से कोई किराया नहीं वसूला जा रहा है। राज्य सरकारों से किराया वसूल किया जाएगा। हालांकि इन सबके बावजूद मजदूरों की शिकायत है कि उनसे किराया वसूला जा रहा है। केरल के कोझिकोड से स्पेशल ट्रेन से धनबाद पहुंचे कई मजदूरों ने टिकट दिखाते हुए दावा किया कि उनसे किराया वसूल किया गया। 860 रुपये लेकर कोझिकोड से धनबाद तक का जनरल टिकट दिया गया। 

केरल में फंसे मजदूरों को वापस लाने के लिए चली कोझिकोड-धनबाद स्पेशल ट्रेन में सफर मुफ्त नहीं था। हर मजदूर से 860 रुपये लिए गए। इसके एवज में उन्हें कोझिकोड से धनबाद तक का जनरल टिकट भी दिया गया। मजदूरों का कहना था कि वहां जिस बस से उन्हें स्टेशन तक ले जाया गया, उस बस पर चढ़ने से पहले ही मजदूरों से एक-एक कर किराए के पैसे ले लिए गए थे। हालांकि इसके बाद रास्ते में खाने-पीने के लिए पैसे नहीं लिए गए। कोझिकोड-धनबाद स्पेशल ट्रेन केरल के कोझिकोड स्टेशन से शनिवार रात को चली थी। यह ट्रेन सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे धनबाद पहुंची। 

केरल के कालीकट में लेबर का काम करने वाले लोहरदगा के कालेश्वर ने बताया कि वहां पैसे नहीं रहने से काफी परेशानी हो रही थी। बाद में एक ठेकेदार ने उसका और दूसरे साथियों का नाम पता वगैरह सब कुछ डिटेल्स लिया और घर वापसी का आश्वासन दिया। इसके बाद दो मई की शाम उन्हें ट्रेन से भेजा गया।

दरअसल, रेलवे ने पहले ही इसकी घोषणा कर दी थी कि मजदूरों को लाने का काम रेलवे करेगी, मगर उनका सफर मुफ्त नहीं होगा। राज्य सरकार की ओर से यात्रा करने वाले मजदूरों की लिस्ट रेलवे को सौंपी जाएगी। उस लिस्ट के आधार पर एक मुश्त बुक टिकट जारी होंगे। साथ ही एक-एक कर प्रत्येक मजदूर से किराए के पैसे लेकर रेलवे को राज्य सरकार एक मुश्त सौंप देगी।

तिरूवनंतपुरम-जसीडीह स्पेशल ट्रेन के यात्रियों से भी लिया गया किराया

केरल के तिरुवनन्तपुरम से जसीडीह के लिए भी स्पेशल ट्रेन चलाई गई। यह ट्रेन भी सोमवार को जसीडीह पहुंची। इस पर सवार साहेबगंज निवासी राजू कुमार, महेश प्रसाद व अन्य ने स्पेशल ट्रेन चलवाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बधाई दी। मजदूरों ने बताया कि एक-एक यात्री के टिकट के लिए 875 रुपये देना पड़ा।