बोकारो, जेएनएन। नकली यूरेनियम के मामले में पूछताछ के लिए रिमांड पर लिए गए सातों आरोपियों को पुलिस सोमवार को जेल भेज दी। आरोपियों के एक ओर आपराधिक इतिहास की जानकारी पुलिस को मिली है वहीं दूसरी ओर यह भी जानकारी मिली है कि शार्ट कट में रुपये कमाकर अमीर बनने के ख्याल से सभी इस धंधे में उतरे थे। जालसाजों के इस रैकेट का किंगपीन गिरिडीह का मुन्ना है। मुन्ना पहले चास निवासी बापी को हीरा बेचने को दिया था। यह नकली था। नकली हीरा नहीं बिका को यह नकली यूरेनियम बेचने को थमा दिया।

पुलिस को बापी व मुन्ना के बीच हुई रुपयों की देनदेन के सबूत भी मिले हैं। इस बात के सबूत भी पुलिस के हाथ लगे हैं जिससे यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपित नकली यूरेनियम को टेस्ट भी किए हैं। पुष्टि तो नहीं हुई है पर बताया जा रहा है कि इसका वीडियो बापी के मोबाइल में मौजूद है और पुलिस इसकी सच्चाई जानने के लिए जांच में जुट गई है। आरोपियों ने यह भी बताया है कि इसे बेचने के लिए खनन करने वालों को वह लोग खोजने की येाजना बनाए थे। अभी तक के अनुसंधान से यह स्पष्ट है कि पूरे खेल का मुन्ना ही मास्ट माइंड है।

पुलिस मुन्ना की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है लेकिन सफलता नहीं मिल सकी है। बताया जा रहा है कि एक माह के अंदर मुंबई, यूपी के बाद बोकारो में नकली यूरेनियम मिला। पुलिस इन तीनों के तार को भी जोड़कर जांच को आगे बढ़ा रही है। यह भी जांच हो रही है कि देख को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा तो कहीं आरोपित नहीं हैं।

Edited By: Mritunjay