जागरण संवाददाता, धनबाद : मोहित अपने जीजा जी को स्टेशन छोड़ने आया है। कार से सामान उतारने के बाद उसके जीजा कहते हैं, चलो अब फटाफट प्लेटफॉर्म टिकट ले लो। फिर अंदर चलते हैं, वरना चेकिंग हो गई तो खामख्वाह परेशानी होगी...। अब मोहित की बारी है। कहता है सामान तो ज्यादा है नहीं  जीजू, बाहर से ट्रेन भी आई है, भीड़ भी है...। मुझे ऑफिस पहुंचने में लेट हो जाएगा, निकलता हूं। उसके जीजा मोहित के मन को भाप लेते हैं और बाय का इशारा कर स्टेशन के अंदर चले जाते हैं। धनबाद स्टेशन पर अब ऐसी कहानी थोड़ी थोड़ी देर में दिख जाएगी। बढ़ते संक्रमण के डर से ट्रेनों में टिकटों की बुकिंग पहले ही कम हो चुकी है। अब प्लेटफार्म पर अपने रिश्तेदारों को छोड़ने उन्हें रिसीव करने वाले भी अंदर जाने से परहेज कर रहे हैं। साफ तौर पर कहें तो डर रहे हैं।

 दूसरी लहर के साथ ही प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री में काफी गिरावट आ गई है। सिर्फ धनबाद स्टेशन की बात करें तो यहां रोजाना तकरीबन 600 से 700 प्लेटफॉर्म टिकट जारी हो रहे थे। अब 50 फीसद से भी ज्यादा गिरावट आ गई है। बहुत जरूरी होने पर ही यात्री अपने रिश्तेदार को छोड़ने प्लेटफार्म के अंदर तक जा रहे हैं। ज्यादातर लोग कार या बाइक से स्टेशन के बाहर छोड़कर ही वापस लौट रहे हैं। यही वजह है कि बमुश्किल 300 के आसपास प्लेटफॉर्म टिकट जारी हो रहे हैं। 

 धनबाद के साथ-साथ रेल मंडल के दूसरे स्टेशनों में भी प्लेटफॉर्म टिकट की यही स्थिति है। रेल अधिकारी भी कह रहे हैं कि जरूरी हो तभी प्लेटफॉर्म के अंदर जाएं। यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफॉर्म टिकट सेवा उपलब्ध है। 

पर अगर जरूरी न हो तो अंदर न जाना ही बेहतर है। अंदर जाने वाले यात्री प्लेटफॉर्म टिकट के साथ-साथ मास्क भी जरूर लगाएं। बगैर मास के एंट्री पर ₹500 तक जुर्माना लिया जाएगा।

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