विसं, धनबाद। पूर्व विदेश मंत्री सह कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के विरुद्ध धनबाद की अदालत ने दायर मुकदमा को सुनवाई के लिए स्वीकृत कर लिया है। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कुलदीप की अदालत ने अधिवक्ता एसपी सिंह की दलील सुनने के बाद मुकदमे को सुनवाई के लिए स्वीकृति दी। अगली सुनवाई के लिए सात दिसंबर की तारीख निर्धारित करते हुए इसे प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी विशाल माजी की अदालत को स्थानांतरित कर दिया। इससे सलमान समेत तीनों कांग्रेस नेताओं की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।

क्या है मामला

सलमान खुर्शिद ने अपनी किताब Sunrise Over Ayodhya में हिंदुत्व की तुलना बोको हराम और आइएसआइ से की है। इसे लेकर 16 नवंबर को झरिया निवासी अधिवक्ता शिव पुकार सिंह ने धार्मिक विद्वेष फैलाने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, दो संप्रदायों के बीच युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न करवा देने का आरोप लगाते हुए सलमान, चिदंबरम और दिग्विजय सिंह के खिलाफ अदालत में मुकदमा दायर किया है। इस मामले की सुनवाई गुरुवार को धनबाद के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कुलदीप की अदालत में हुई। इसके बाद मुकदमे को सुनवाई के लिए मजूंरी दी गई। 

इसलिए सलमान के साथ दिग्विजय और चिदंबरम को बनाया गया आरोपित

मुकदमे में किताब के लेखक सलमान के साथ दिग्विजय सिंह और चिदंबरम को भी आरोपित किया गया है। किताब के विमोचन के माैके पर सलमान के साथ दिग्विजय सिंह और चिदंबरम भी उपस्थित थे। इस कारण अधिवक्ता ने दोनों को आरोपित किया है।

 

अभिनेत्री कंगना के विरुद्ध दर्ज मुकदमे की कोर्ट करेगा जांच

धनबाद की अदालत में फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के विरुद्ध देशद्रोह व भारत को नीचा दिखाने को लेकर दायर शिकायतवाद की सुनवाई होगी। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजय कुमार सिंह की अदालत ने गुरुवार को इसकी इजाजत दी और आगे की सुनवाई के लिए मामले को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी निर्भय प्रकाश की अदालत को हस्तांतरित कर दिया। अदालत ने वादी इजहार के अधिवक्ता नचिकेता गोस्वामी की दलील सुनने के बाद 16 दिसंबर को सुनवाई के लिए अगली तारीख निर्धारित की है। 17 नवंबर को पांडरपाला निवासी सामाजिक कार्यकर्ता इजहार अहमद उर्फ बिहारी ने कंगना के विरूद्ध सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। अदालत ने एफआइआर के लिए मुकदमे को थाने भेजने से इन्कार करते हुए अदालत में ही मामले की जांच का आदेश दिया है।

Edited By: Mritunjay