दिलीप सिन्हा, गिरिडीह। बगोदर के घंघरी टोल प्लाजा के पास मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश हो चुका है। यह इलाका भाकपा माले का गढ़ है। जिस रियासत अंसारी के घर यह फैक्ट्री चल रही थी, वह माले का कार्यकर्ता है। जो फरार है। फिलहाल माले बैकफुट पर है तो मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा आक्रामक। सवाल उठ रहे कि आखिर इस मिनी गन फैक्ट्री में हथियार तैयार कर कहां भेजे जा रहे थे। कितने हथियार यहां से आपूर्ति किए जा चुके हैं। क्या थी साजिश। सच्चाई का पता अब पुलिस को लगाना है। ताकि अपराधियों के मंसूबों को ध्वस्त कर उनकी साजिश को नाकाम किया जा सके। भाजपा नेता व पूर्व विधायक नागेंद्र महतो बगोदर के माले विधायक विनोद कुमार ङ्क्षसह पर सीधे हमलावर हैं। भाजपा आंदोलन की रूपरेखा बना रही है। माले के खिलाफ पूरे विधानसभा क्षेत्र में रैली एवं जुलूस निकालने की योजना है। भाजपाई कह रहे कि सूबे की हेमंत सरकार को माले का समर्थन है। इसलिए पुलिस रियासत अंसारी एवं इसमें संलिप्त लोगोंं को दबोच नहीं रही। दूसरी ओर माले को पुख्ता जवाब नहीं सूझ रहा।

बगोदर में भाकपा (माले) का मजबूत जनाधार

दरअसल, बगोदर विधानसभा क्षेत्र पिछले छह दशक से माले का गढ़ रहा है। सिर्फ एक बार भाजपा के नागेंद्र महतो माले से यह सीट छीनने में सफल रहे हैं। पिछले चुनाव में माले ने भाजपा से अपनी सीट छीन ली थी। जहां हथियार फैक्ट्री मिली, वह माले का अभेद दुर्ग है। यहां भाजपा तो माले को चुनौती ही नहीं दे सकी थी। माले के दो बड़े नेता जिला सचिव पूरन महतो एवं जिला परिषद सदस्य गजेंद्र महतो यहीं के हैं। आलम ये कि यहां के लोग अपने मामले सुलझाने थाना नहीं माले कार्यालय आते हैं। भाजपा के पूर्व विधायक नागेंद्र महतो ने माले विधायक विनोद कुमार ङ्क्षसह को इस मामले में कठघरे में खड़ा किया है। सवाल उठ रहा कि जिस इलाके में पत्ता भी खड़कता है तो माले के लोगों का पता चल जाता है, वहां हथियारों की फैक्ट्री चल रही थी तो क्या उसकी भनक भी नहीं लगी।

बगोदर में दहशत कायम करने को माले दे रही थी संरक्षण : नागेंद्र

पूर्व विधायक नागेंद्र महतो कहते हैं कि माले नेता गजेंद्र महतो एवं पूरन महतो का रियासत अति करीबी है। उसके घर में अवैध तरीके से पिस्टल का निर्माण हो रहा था। सीधा अर्थ है कि माले का उसे संरक्षण था। अन्यथा इतना बड़ा अपराध करने की उसकी जुर्रत नहीं होती। माले का मकसद यहां हथियार बनवाकर बगोदर विधानसभा क्षेत्र में दहशत कायम करना था। रियासत और उसके आका गिरफ्तार हों।

किराए पर दिया था मकान : पूरन

भाकपा माले के पूरन महतो कहते हैं कि रियासत अंसारी माले का कैडर है। रियासत ने अपना घर चार दिन के लिए लेथ मशीन रखने को बंगाल के किसी व्यक्ति को दिया था। बकौल पूरन कि रियासत फरार नहीं है। वह घर पर है। हमारी बातचीत हुई है। उस पर प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। भाजपा झूठ फैला रही है। वह तो ङ्क्षहसा व नफरत पैदा करती है।

डर के कारण फरार है रियासत, नहीं हो सकी पूछताछ

बगोदर-सरिया के एसडीपीओ नौशाद आलम ने बताया कि हथियार बरामदगी में प्राथमिकी बगोदर में नहीं बंगाल में हुई है। मामले की जांच गिरिडीह पुलिस अपने स्तर से कर रही है। सच्चाई का पता लगाकर रहेंगे। रियासत अंसारी के मामले में भी अनुसंधान चल रहा है। बगोदर के थाना प्रभारी सरोज ङ्क्षसह चौधरी कहते हैं कि बंगाल पुलिस के आने के बाद से रियासत अंसारी डरकर फरार है। अभी तक उससे पूछताछ नहीं हो सकी है।

यह है मामला

झारखंड-बंगाल की सीमा पर बंगाल के कुल्टी में एक युवक आस मोहम्मद 25 पिस्टल व 25 मैगजीन के साथ हाल में पकड़ाया। उसने बताया था कि बगोदर में मिनी गन फैक्ट्री है। जहां से हथियार लाकर सप्लाई देने जा रहा था। बंगाल पुलिस उसे लेकर बगोदर के घंघरी पहुंची थी। रियासत अंसारी के घर पर छापेमारी की थी। रियासत पकड़ा नहीं गया था। घर के अंदर हथियार बनाने में प्रयुक्त होने वाली लेथ मशीन मिल गई थी।

Edited By: Mritunjay