गोमो बाजार [मनोज स्वर्णकार]। बचपन से ट्रेन चलाने का ख्वाब देखा था। अब उस सपने को हकीकत में बदलने के लिए बिहार की बेटियां गोमो के विद्युत लोको प्रशिक्षण केंद्र में ट्रेनिंग ले रही हैं। यहां सहायक रेल चालक का प्रशिक्षण लेने 22 महिला कर्मचारी आई हैं। उनका कहना है कि ट्रेनिंग सेंटर को लेकर जितना सोचा था, उससे बेहतर पाया। मुख्य शहर से दूर होने के बाद भी सेंटर पर तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। खान-पान की सेवाओं के साथ ही महिलाओं के लिए अलग से तीन कमरे दिए गए हैं।

मुख्य प्रशिक्षक पी पंडित का कहना है कि महिला चालकों के लिए विशेष बंदोबस्त किया गया है। समय-समय पर मंडल के अधिकारी ट्रेनिंग सेंटर का निरीक्षण कर उनसे फीडबैक भी लेते हैं।

  • बोलीं ट्रेनी रेल चालक

रेलवे की व्यवस्था अच्छी है। काफी संख्या में लड़कियां रेलवे चालक का प्रशिक्षण ले रही हैं। ट्रेन चलाने से जुड़ी समस्त जानकारी के साथ प्रैक्टिकल के तौर पर लोको शेड भ्रमण भी कराया जा रहा है।

-प्रीति कुमारी, बख्तियारपुर

रेलवे के प्रशिक्षण केंद्र में खान पान के साथ अन्य प्रबंध बेहतर हैं। टे्रनिंग में सभी बारीकियां बताई जा रही हैं। लोको शेड में इंजन ऑपरेशन दिखाए जा रहे हैं। उम्मीद है हमारा ख्वाब जल्द ही हकीकत बन जाएगा।

-अंजली कुमारी, पटना

एक टे्रनिंग सेंटर में जो सुविधाएं होनी चाहिए, वह सबकुछ उपलब्ध हैं। विद्युत लोको शेड पास होने से रेल इंजन को नजदीक से समझने का मौका मिल रहा है। पूरी उम्मीद है कि भविष्य में टे्रन टे्रन चलाने का सपना पूरा होगा।

अनुभा कुमारी, मोतिहारी

ट्रेनिंग सेंटर में अब तक तो कोई परेशानी नहीं हुई है। मुख्य शहर से दूर होने के बाद भी सारी सुविधाएं मिल रही हैं। एक्सपर्ट ट्रेनर नियमित काउंसलिंग कर रहे हैं। नई तकनीकों से भी रूबरू कराया जा रहा है।

-मोनी कुमारी, नवादा

Posted By: Mritunjay

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