जागरण संवाददाता, धनबाद : कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए एसएनएमएमसीएच के कैथ लैब में 50 बेड का एनआइसीयू तैयार हो रहा है। वहीं पहले से यहां 25 बेड का एनआइसीयू तैयार है। सदर अस्पताल में भी 20 एनआइसीयू बेड तैयार किए गए हैं। लेकिन यह तैयारी महज शहरों में ही देखी जा रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों कोई तैयारी प्रशासनिक और स्वास्थ विभाग के स्तर से नहीं देखी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के नाम पर महज टुंडी में 20 वर्ड का आइसीयू तैयार किया जा रहा है। जिला महामारी रोग नियंत्रण विभाग के प्रभारी डाक्टर राजकुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल एसएनएमएमसीएच और सदर अस्पताल को विकसित किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी केंद्र अलग से बनाए जा सकते हैं।

सरकारी स्तर पर 105 बेड होंगे तैयार

सरकारी स्तर पर 105 बेड बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे हैं। इसमें एसएनएमएमसीएच, सदर अस्पताल और टुंडी प्रखंड शामिल है। हालांकि इसके बाद बाकी प्रखंडों में कोई तैयारी नहीं की गई है। ऐसे में संक्रमण का मामला बढ़ने पर प्रखंड के मरीजों को इलाज के लिए धनबाद ही आना होगा। एसएनएमएमसीएच में किसके कितने बेड

एसएनएमएमसीएच में एनआइसीयू में 12 बेड, एसएनसीयू के आठ बेड, पीआइसीयू के पांच बेड हैं। वही कैथ लैब में 50 बेड तैयार किए जा रहे हैं। इसमें पांच बेड को वेंटिलेटर के तौर पर विकसित किया गया है। 30 बेड में सी-पैप सपोर्ट लगाया गया है। सदर अस्पताल में तैयारी पूरी

एनआइसीयू को लेकर सदर अस्पताल में तैयारी पूरी कर ली गई है। यहां पर 20 एनआइसीयू बेड तैयार किए गए हैं। इसके लिए डाक्टर और कर्मचारियों का रोस्टर भी तैयार कर लिया गया है। महामारी बढ़ने के बाद यहां पर सेवाएं शुरू कर दी जाएगी। आक्सीजन के लिए भी तैयारी पुख्ता किए गए हैं। प्राइवेट अस्पतालों में 150 बेड

सरकारी के साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में भी 150 बेड तैयार किए गए हैं। शहर के निजी अस्पतालों ने इसकी तैयारी शुरू की है। जरूरत पड़ने पर निजी अस्पताल यह बेड जिला प्रशासन को देगा। प्रशासन की ओर से ही जरूरी दवाएं अस्पताल को उपलब्ध कराई जाएंगी। कोट

कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर तमाम तैयारी हो रही है, अनुमान व जरूरत के हिसाब से काम किया जा रहा है। आगे कई जगहों को भी विकसित किया जाएगा।

डा. राजकुमार सिंह, प्रभारी, जिला महामारी रोग नियंत्रण विभाग

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