जागरण संवाददाता, धनबाद। 497 दिनों बाद चली धनबाद सिंदरी पैसेंजर ने नया रिकॉर्ड कायम कर दिया। देशभर में सबसे कम यात्रियों के साथ चलने वाली ट्रेनों में इस ट्रेन का नाम शामिल हो गया। जी हां, रविवार की सुबह खुली धनबाद सिंदरी पैसेंजर में सिर्फ तीन टिकट बुक हुए और इन्हीं तीन यात्रियों को लेकर धनबाद से सिंदरी टाउन तक ट्रेन दौड़ी। इस ट्रेन से पहले दिन रेलवे को पूरे ₹90 की आमदनी हुई। जिस ट्रेन को चलाने को लेकर लगातार मांग हो रही थी। बलियापुर और सिंदरी के तकरीबन 1000 लोगों ने हस्ताक्षर युक्त मांग पत्र रेलवे को सौंपा था। उस ट्रेन को केवल तीन यात्री मिलने से पहले दिन से ही संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इससे पहले भी टिकटों की कम बुकिंग के कारण ही सिंदरी पैसेंजर को चलाने की अनुमति नहीं मिल रही थी। हालांकि धनबाद से सिंदरी टाउन पैसेंजर को कम यात्री मिलने की वजह रेलवे का किराया निर्धारण है। रेलवे ने पैसेंजर बनकर चलने वाली ट्रेन का किराया मेल एक्सप्रेस के तौर पर कर दिया है। धनबाद से सिंदरी पहुंची पैसेंजर ट्रेन का जहां स्थानीय लोगों ने स्वागत किया वहीं किराया बढ़ोतरी का विरोध भी किया।

धोखरा हाल्ट जाइए या सिंदरी टाउन किराया 30 रुपये

धनबाद सिंदरी पैसेंजर का किराया मेल एक्सप्रेस के तौर पर तय किया गया है। जिस तरह मेल एक्सप्रेस ट्रेन का न्यूनतम किराया ₹30 है। ठीक उसी तरह इस ट्रेन से सफर के लिए भी न्यूनतम किराया ₹30 चुकाना पड़ रहा है। धनबाद से धोखरा हाल्ट जाइए या सिंदरी टाउन रेलवे ₹30 ही वसूलेगी। पहले इस ट्रेन में सफर के लिए सिर्फ ₹10 चुकाने पड़ते थे। इस वजह से प्रधानखंता, धोखरा हॉल्ट, निचितपुर, पाथरडीह और सिंदरी के आसपास के सैकड़ों गांव के लोग इस ट्रेन से आवाजाही करते थे। अब न्यूनतम किराया ₹30 हो जाने से यात्रियों ने इस ट्रेन से मुंह मोड़ लिया है।

नहीं मिल रहा मासिक सीजन

टिकट धनबाद सिंदरी पैसेंजर से प्रतिदिन सफर करने वाले लोग एमएसटी यानी मासिक सीजन टिकट बनवा कर सफर करते थे इससे उन्हें किराए में काफी राहत मिल जाती थी अब मेल एक्सप्रेस का किराया लागू होने से इस ट्रेन में एमएसटी पर भी रोक लग गई है।

आम जनों की महत्वपूर्ण ट्रेन का किराया मेल एक्सप्रेस के रूप में वसूला जाना जन विरोधी निर्णय है। इस मामले में पूर्व मध्य रेल के नए जीएम से मिलकर किराया संशोधन का आग्रह किया जाएगा। मुख्यालय स्तर पर बात नहीं बनी तो रेल मंत्री से भी मिलेंगे।

पिंटू सिंह, सदस्य

-जेडआरयूसीसी, पूर्व मध्य रेल

Edited By: Mritunjay