धनबाद, जेएनएन। सभी गरीब परिवारों को पक्का मकान मुहैया कराना केंद्र सरकार का उद्देश्य है। इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का संचालन किया जा रहा है, लेकिन इस योजना पर भी बिचौलिए की गिद्ध दृष्टि लग गई है। बिचौलिए लाभुकों को बरगला कर योजना मद की राशि हड़प ले रहे हैं । ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है गिरिडीह जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत सिंदवरिया पंचायत के कोल्हरिया गांव से। गांव के तीन लाभुकों का पीएम आवास अभी अधूरा है, लेकिन पूरे पैसे की निकासी कर ली गई। पैसा भी बिचौलिए ने लाभुकों से हड़प लिया है। 

बताया जाता है कि उक्त गांव के प्रीतम कोल्ह, लटु कोल्ह और अर्जुन कोल्ह का नाम पीएम आवास की सूची में  था। अशोक कुमार नामक बिचौलिया सूची लेकर लाभुकों के पास गया और आवास पास कराने के नाम पर 12-12 हजार रुपये की मांग की। लाभुकों के पैसे देने से असमर्थता जताने पर बिचौलिए ने कहा कि हम आवास पास करा देते हैं, लेकिन आवास निर्माण के लिए अपने खाता में आने वाला पूरा पैसा निकाल कर दे देना होगा। आवासों का निर्माण हम करा देंगे । इस पर तीनों लाभुक तैयार हो गए। 

दीवार खड़ी कर ले लिया पूरा पैसा : उक्त लाभुकों ने बताया कि आवास निर्माण के लिए प्रत्येक के खाते में  एक लाख 30 हजार रुपये आए। उक्त बिचौलिया ने तीनों से बैंक से पूरा पैसा निकलवा कर ले लिया, जबकि उसने आवासों की ढलाई तक नहीं की है। इतना ही नहीं  बिचौलिया ने आवासों के निर्माण में उनलोगों को मजदूरी भी नहीं करने दी, जबकि वे लोग मजदूरी करना चाहते थे। बिचौलिया ने बाहर के मजदूरों से काम कराया। साथ ही मिनी प्लांट का घटिया सीमेंट भी उपयोग किया है। 

सामाजिक अंकेक्षण से हुआ खुलासा : गत दिन मनरेगा सहित अन्य योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण के दौरान यह गड़बड़ी सामने आई है। सोशल आडिट टीम के सदस्य रामेश्वर वर्मा ने बताया कि मनरेगा और पीएम आवास में काफी गड़बड़ी हुई है। एप्प पर तीन पीएम आवासों को पूर्ण दिखाकर पूरा पैसा निकाल लिया गया है, जबकि सच्चाई यह है कि आवासों की ढलाई भी नहीं  कराई गई है। बिचौलिया ने जैसे-तैसे काम कराकर पैसा हड़प लिया है ।

फंसेगी कई की गर्दन : इस मामले मे केवल बिचौलिया ही दोषी नहीं है, बल्कि इसमें पंचायत स्तरीय कर्मी से लेकर कई पदाधिकारी और कर्मचारी भी जिम्मेवार हैं । सभी की मिलीभगत से ही ऐसा हुआ है। यदि मामले की ईमानदारी और गंभीरता से जांच हो तो कइयों की गर्दन फंस सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि धरातल पर जब आवास अधूरे हैं तो एप्प पर उन्हें पूर्ण कैसे दिखा दिया गया है। मुखिया अर्जुन वर्मा ने कहा कि पीएम आवासों के निर्माण में अनियमितता हुई है। इसका उन्होंने पदाधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। 

Posted By: Sagar Singh

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