साहिबगंज, जेएनएन। 30 लाख रुपये की फिरौती नहीं मिलने तथा पुलिस दबिश से परेशान अपहर्ताओं ने साहिबगंज जिले के बोरियो से अपहृत व्यापारी अरुण कुमार साह की गोली मार कर हत्या कर दी। अपर्हताओं ने शनिवार (27 जून, 2020) की सुबह ही अरुण कुमार साह के परिवार को फोन कर फिरौती नहीं मिलने पर मार देने की धमकी दी थी। और सचमुच में मार दिया। अगले दिन रविवार की सुबह साह की लाश मिली। अपराधियों और साह के परिवार के बीच फोन पर बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ है। इससे पुलिस पर भी सवाल खड़ा होता है। बातचीत से साफ है कि अपराधियों को पुलिस की हर गतिविधि की जानकारी दी। दूसरी तरफ पुलिस हवा में तीर मारती रही। 

बताते चलें कि 20 जून को बोरियो थाना रोड निवासी अरुण कुमार साह राजमहल जाने की बात कह कर सुरेंद्र सोरेन के साथ निकले थे। रास्ते में मुनी बेसरा नामक महिला का फोन आया। इसके बाद वे राजमहल न जाकर कहीं और चले गए। शनिवार को साह के मोबाइल से ही उनकी पत्नी पुतुल देवी के मोबाइल पर कॉल आया तथा फिरौती के रूप में 30 लाख रुपये की मांग की गई। 

पिता की भी कर दी गई थी हत्या

अरुण के छोटे भाई ने बताया कि पिता फुलेश्वर साह की भी अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। तब 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। नहीं देने पर 16 जनवरी 2011 को बोरियो प्रखंड की मोतीपहाड़ी पंचायत के डेंड़ी बेडो के जंगल में शव मिला था। अब अरुण को अगवा करने के बाद मार डाला गया। अपहर्ताओं ने ये भी धमकी दी है कि उसके पूरे परिवार को जान से मार देंगे। इसलिए परिवार के लोग दहशत में हैं। 

परिजनों ने दस दिनों की मांगी थी मोहलत

परिजनों के अनुसार शनिवार को अपहर्ताओं ने अंतिम बार बातचीत की थी। घरवालों ने 30 लाख रुपये इकट्ठा करने के लिए दस दिन की मोहलत मांगी थी। तब अपहर्ताओं ने धमकी दी थी कि अब लाश देखने को मिलेगी। रविवार को ऐसा ही हुआ।

हमलोग उसको दूल्हा बनाने के लिए नहीं रखे हैं... 

अपहर्ताओं ने व्यवसायी अरुण साह की पत्नी पुतुल देवी के फोन पर शनिवार (27 जून) की सुबह नौ बजे फोन कर फिरौती की मांग की थी। रुपये नहीं देने पर हत्या की धमकी दी गई थी। अपहर्ता और अरुण की पत्नी के बीच सात मिनट 36 सेकेंड की बातचीत का ऑडियो इन दिनों सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इसे हम हुबहू पेश कर रहे हैं। 

 

अपहर्ता : तुम्हारा आदमी हमलोगों के कब्जे में है... अरुण। 

पुतुल देवी : आएं। 

अपहर्ता : व्यवस्था किए आपलोग।

पुतुल देवी : कब। 

अपहर्ता : व्यवस्था किए पैसा का। 

पुतल देवी : कौन पैसा का। 

अपहर्ता : कौन पैसा का? जो हमलोग बोले थे। 

अरुण के परिजन : कौन बोल रहे हैं भैया? 

अपहर्ता : हम कौन बोल रहे हैं? 

परिजन : आप कौन बोल रहे हैं? 

अपहर्ता : अरुण जो है न वह हमलोगों के कब्जे में है। ठीक, हम वहीं बोल रहे हैं।

परिजन : पैसा का व्यवस्था कहां हो पाया है अभी। 

अपहर्ता : कब होगा।

परिजन : देखिए हमलोग कर रहे हैं। कोशिश कर रहे हैं। देखिए आप जो डिमांड किए हैं उतना तो आसान नहीं है। यह तो आपलोग भी जान रहे हैं कि हमलोग कमाने-खाने वाले आदमी हैं। उतना पैसा कहां से आएगा। आप ही सोचिए। 

अपहर्ता : हमलोग क्या सोचेंगे? सोच लिए तभी न किए। 

परिजन : देखिए आपलोग तो सोच लिए। हमलोग व्यवस्था करने में लगे हैं। होगा तब न। 

अपहर्ता : आपलोग तो खाली मतलब वहां जा रहे हैं थाना। थाना वाला आपका आदमी बचा सकेगा। 

परिजन : देखिए थाना हमलोग नहीं जा रहे हैं भैया।

अपहर्ता : तुमको आदमी का जरूरत है कि नहीं? 

परिजन : जरूरत नहीं होगा भैया आप ही बताइए? 

अपहर्ता : नहीं तो हमलोग भेज देते हैं ऊपर।

परिजन : नहीं-नहीं ऐसा नहीं करिएगा। 

अपहर्ता : हमलोग उसको दूल्हा बनाने के लिए नहीं रखे हैं। 

परिजन : हमलोग व्यवस्था कर रहे हैं। थोड़ा दिन रुकिए आप। दो-चार दिन रुकिए। 

अपहर्ता : हमलोग ज्यादा दिन नहीं रुकेंगे रोहित कौन है? 

परिजन : रोहित गांव का ही है। 

अपहर्ता : गांव का है। तुमलोगों का कोई नहीं लगता है? तुमलोगों को कोई खबर नहीं पहुंचाया है? 

परिजन : खबर तो वैसा कुछ नहीं दिया है। 

अपहर्ता : नहीं दिया है। ठीक है तब तो आपका आदमी गया काम से। 

परिजन : वैसा कुछ नहीं करिएगा। हमलोग व्यवस्था कर रहे हैं।

बातचीत के क्रम में अपहर्ता का फोन दूसरा व्यक्ति ले लेता है और कहता है कि आपका आदमी नहीं बचेगा। एक भी गोतिया भी नहीं बचेगा। आठ दिन हो गया। अरुण का भाई मनोज बोल रहा है न। मोबाइल दुकान भी खत्म हो गया समझिए। 

भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर बोला करारा हमला 

साहिबगंज अपहरण और हत्या कांड पर भाजपा ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर करारा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा है कि हेमंत सरकार में अपराधी बेलगाम हैं। राज्य में संगठित गिरोह पनप रहे हैं। अपहर्ताओं की तलाश करने पर अपराधी पुलिस पर हमला कर रहे हैं। इससे साफ है कि अपराधियों के अंदर से शासन-व्यवस्था के प्रति खौफ जा रहा है। उन्होंने कहा है कि हेमंत सरकार झारखंड को जंगल राज में ढकेल रही है। 

 

 

Posted By: Mritunjay

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