धनबाद, जेएनएन। दामोदर घाटी निगम ( Damodar Valley Corporation) ने झारखंड बिजली वितरण निगम (JBVNL) से 5670 करोड़ रुपये का बकाया बिजली बिल वसूलने के लिए दबाव बढ़ा दिया है। DVC ने Jharkhand Bijli Vitran Nigam Limited को 30 जून तक बकाया भुगतान करने की चेतावनी दी है। भुगतान नहीं होने पर जुलाई माह से बिजली कटाैती की चेतावनी दी है। यह कटाैती 18 घंटे तक हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो एक जुलाई से डीवीसी के कमांड क्षेत्र में आने वाले झारखंड के धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़ और चतरा जिले अंधकार में डूब जाएंगे। 

तीन महीन में झारखंड सरकार और डीवीसी के बीच नहीं हो पाया समझौता 

झारखंड सरकार और डीवीसी के बीच लंबे समय से बिजली बिल का विवाद चला आ रहा है। चूंकि झारखंड सरकार, डीवीसी से बिजली खरीदकर धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़ और चतरा जिले के उपभोक्ताओं को बिजली मुहैया कराती है। इस साल फरवरी महीने के अंत में 4995 करोड़ रुपये बकाया होने पर डीवीसी ने झारखंड के कमांड क्षेत्र में बिजली की कटाैती शुरू कर दी थी। झारखंड में अभूतपूर्व बिजली संकट छा गया था। 400 करोड़ रुपये के तत्काल भुगतान और 14 मार्च को हुए लिखित समझौते के बाद डीवीसी ने बिजली आपूर्ति सामान्य की। इस दाैरान डीवीसी और जेबीवीएनएल के बीच 14 समझौता हुआ था जिसके तहत 24 किस्तों में बकाया का भुगतान किया जाना था। लेकिन जेबीवीएनएल ने समझौते का पालन नहीं किया। समझौते के बाद झारखंड की तरफ से एक भी किस्त का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद डीवीसी ने फिर से बिजली कटाैती की चेतावनी दी है। 

डीवीसी ने कोयले के भुगतान को बताया अपनी मजबूरी 

डीवीसी को बिजली उत्पादन करन के लिए कोयले की खरीदारी करनी पड़ती है। डीवीसी पर कोल इंडिया की 1200 करोड़ की देनदारी है। डीवीसी मुख्यालय कोलकाता के Executive Director (Commercial) Anjan Dey ने पत्र में कहा है कि डीवीसी को भी कोल इंडिया को 1200 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। बिजली बिल का बकाया नहीं मिलने के कारण हम कोल इंडिया को भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि यदि 30 जून तक बकाया राशि का भुगतान आरंभ नहीं किया गया तो जुलाई माह से बिजली कटाैती शुरू कर दी जाएगी। 

Posted By: Mritunjay

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