धनबाद, जेएनएन। Dispute in Jharkhand Home Guard Dhanbad झारखंड गृह रक्षा वाहिनी धनबाद में पिछले पांच सालों से विवाद हावी है। इन विवादों के मुख्य कड़ी में कंपनी कमांडर राजीव गौरव का नाम हमेशा आता रहा है। मामला वाहिनी में बहाली को लेकर पैसे की हो या फिर जवानों के साथ आम व्यवहार की। घटना डीजल घोटाला से जुड़ी हो या फिर जवानों को अपने घर में काम पर लगाने को लेकर हो। हर मामले में गौरव कुमार का नाम शामिल होता रहा है। ऐसे में जब धनबाद-बोकारो प्रक्षेत्र के डीआइजी स्तर से भी सभी मामलों में जानकारी ली गई है।

वर्ष 2019 में वाहिनी के दो जवान जितेंद्र कुमार सिंह व अमरेश कुमार सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गई थी। प्राथमिकी गौरव कुमार ने दर्ज करायी। इस मामले में दोनों जवानों को जले जाना पड़ा। नौ माह बाद न्यायालय ने दोनों को बरी कर दिया। बरी होने के बाद दोनों को वाहिनी में ड्यूटी नहीं दिया गया। इस मामले में गौरव कुमार का नाम सामने आया। दोनों जवानों ने उपायुक्त को आवेदन दिया और इसके बाद उन्हें ड्यूटी मिली।

गुटबाजी भी चरम पर : वर्ष 2016 में तत्कालीन इंस्पेक्ट बद्री राम ने जो रिपोर्ट मुख्यालय और मुख्यमंत्री को प्रेषित की थी उसमें कार्यालय में गुटबाजी का भी जिक्र किया गया था। यह बताया गया था कि गौरव कुमार समेत अन्य कंपनी कमांडर गुट बनाकर काम करते थे। इंस्पेक्टर के आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता था और ना ही किसी मामले पर मंतव्य लिया जाता था। बद्री राम ने जाति को लेकर पक्षपात किए जाने की भी बात कही थी।

Posted By: Sagar Singh

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