धनबाद, जेएनएन। कोरोना योद्धाओं के लिए पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारी आंदोलन करेंगे। 26 जून को होने वाले इस ऑनलाइन आंदोलन में कोरोना महामारी से लड़ते हुए जिन चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस कर्मी, शिक्षक व अन्य सरकारी कर्मचारियों की मौत हो गई, उनके लिए पुष्पवर्षा के बजाय पुरानी पेंशन की मांग की जाएगी। बताते चलें कि 2004 के बाद सरकारी सेवा में आने वाले कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए सरकार ने एक नई पेंशन व्यवस्था लागू किया है। सेवानिवृत्ति के समय कुल जमा राशि का कम से कम 40 प्रतिशत पूंजी से पेंशन प्लान खरीदते हैं, जिसके अनुसार पेंशन का निर्धारण किया जाता है।

कर्मचारियों का आरोप है कि नई पेंशन प्रणाली कर्मचारियों के आर्थिक हितों के विरुद्ध जाकर पूंजीपतियों के दबाव में लाई गई योजना है। इसमें देश की जनता का टैक्स तथा कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई शेयर बाजार के बहाने पूंजीपतियों के हवाले की जा रही है। जिस पर न्यूनतम ब्याज तथा न्यूनतम रिटर्न की कोई गारंटी भी नहीं है। शुक्रवार को होने वाले ऑनलाइन आंदोलन में कर्मचारियों ने ट्विटर तथा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सहारा लिया है।

इस संबंध में एनएमओपीएस धनबाद के जिला संयोजक जय होरो एवं प्रदेश उपाध्यक्ष उच्च्वल तिवारी ने कहा कि वर्तमान सत्तारूढ़ दल से हमें काफी उम्मीदें हैं। झारखंड के इतिहास में पहली बार कर्मचारियों ने खुलकर पेंशन के मुद्दे पर किसी राजनीतिक दल का समर्थन किया था। अब मुख्यमंत्री की बारी है। उन्हें अपने घोषणापत्र को यथाशीघ्र लागू करना चाहिए। इससे कर्मचारियों में एक सकारात्मक संदेश जाएगा। उनका मनोबल बढ़ेगा। गुरुवार को हुई बैठक में  कार्यक्रम की सफलता के लिए रणनीति तैयार की गयी जिसमे संजय गिरी, शिवेश झा, कौशलेंद्र तिवारी, राहुल चौबे, रामविलास कुमार, महेंद्र प्रताप आदि उपस्थित थे।

Posted By: Sagar Singh

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