धनबाद, जेएनएन। झरिया की विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने इशारों में सिंह मेंशन पर भी निशाना साधा। उन्होंने रविवार को भौंरा में कहा कि पहले की तरह अंधेर नगरी चौपट राजा का खेल खत्म हो गया है। यहां की जनता ही राजा है। विधायक ने कहा कि भौंरा की जनता आश्वस्त रहें। प्रबंधन की तानाशाही नहीं चलने दी जायेगी। बिना मुआवजा, आवास और रोजगार के एक भी लोग यहां से नहीं हटेंगे। अंतिम सांस तक यहां के लोगों के लिए लड़ती रहूंगी।

पूर्णिमा नीरज सिंह ने कहा कहा कि मेरे रहते किसी का भी विस्थापन नहीं हो सकता है। मैं अंतिम सांस तक भौंरा के लोगों के लिए लड़ती रहूंगी। उन्होंने कहा कि भौंरा का एक भी घर का विस्थापन नहीं होगा। अगर प्रबंधन को यहां के लोगों का विस्थापन करना है तो पहले उचित मुआवजा दें। उन्होंने बताया कि 19 फरवरी को भौंरा जीएम से वार्ता होगी। यहां के लोगों को सही इंसाफ नहीं मिला तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

भौंरा चार नंबर में स्थानीय लोगों को बीसीसीएल की ओर से जबरन हटाने, भौंरा जहाटांड़ के रास्ते को जबरन काटे जाने के विरोध में रविवार की शाम को आम सभा का आयोजन हुआ था। जहां झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह बतौर मुख्य अतिथि पहुंची थी। मौके पर जमसं बच्चा गुट के नेता हर्ष सिंह ने कहा कि भौंरा के लोगों को उनका अधिकार दिलाने के लिए जमसं हमेशा तैयार है। इसके पूर्व पार्षद चंदन महतो ने भौंरा के लोगों की समस्याओं को विस्तार से रखा। 

बता दें कि सिंह मेशन का करीब पांच दशक तक झरिया में राज रहा है। बीच के कुछ चुनाव को छोड़ दिया जाए तो परिवार का ही कोई सदस्य यहां का विधायक रहा है। झारखंड विधानसभा चुनाव-2019 में पूर्णिमा ने सिंह मेशन की उम्मीदवार रागिनी सिंह का हरा दिया। हालांकि, दोनों रिश्ते में देवरानी-जेठानी है।      

Posted By: Sagar Singh

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