धनबाद : पीके राय कॉलेज जैसे शिक्षा के मंदिर में कुछ अराजकतत्व छात्रों ने शनिवार को युद्ध का मैदान बना दिया। तीन घंटे तक दो बार में हुई मारपीट की घटना में जहां कॉलेज प्रशासन मूक दर्शक बना रहा, वहीं सरायढेला पुलिस सूचना मिलने के बाद भी यहां पहुंचने की जहमत नहीं उठायी। सुबह दस बजे और फिर एक बजे से मारपीट की जबरदस्त घटना हुई। छात्रों के दो गुटों में हुई मारपीट की इस घटना से विशेषकर छात्राएं भयभीत रही। घटना को लेकर प्रवीण कुमार चौबे नामक छात्र ने सरायढेला थाना में लिखित आवेदन दिया है।

प्रवीण कुमार चौबे के अनुसार शनिवार की सुबह वह कॉलेज में था। तभी सुगियाडीह निवासी अखिलेश कुमार और दिनेश दास आए और गाली ग्लौज करते हुए गमला उठाकर उस पर दे मारा। किसी तरह से प्रवीण ने अपना बचाव किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की। मारपीट के दौरान प्रवीण चौबे से उसका 28 हजार रुपये मूल्य का मोबाइल फोन, गले से सोने की चैन, पॉकेट से गाडी का ऑनर बुक आदि छिन लिया गया। इधर कॉलेज के अन्य छात्रों की मानें तो सुबह करीब दस बजे कुछ पास आउट छात्र कॉलेज परिसर में स्थित गोलंबर के पास खड़े थे। तभी कुछ छात्र आए और उन सभी को कॉलेज से बाहर निकलने को कहा। इस बात को लेकर दोनों गुटों में विवाद हुआ। हल्की हाथापाई भी हुई, लेकिन कॉलेज कर्मचारियों के प्रयास से घटना टल गई। पास आउट छात्र कॉलेज से बाहर चले गए। करीब एक बजे पास आउट छात्र अपने 10-12 साथियों के साथ फिर वापस लौटे और उन्हें भगाने वाले छात्रों को देखते ही टूट पड़े। कॉलेज परिसर में रखा गया गमला उठा कर मार गया। इसके अलावा हेलमेट से मारपीट की गई। करीब डेढ़ घंटे तक कॉलेज में मारपीट होती रही। इस मारपीट के कारण भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। मारपीट की घटना के दौरान ही कुछ कॉलेज कर्मचारियों ने सरायढेला थाना पुलिस को मामले की सूचना दी, लेकिन घटना समाप्त होने के बाद भी पुलिस यहां नहीं पहुंच सकी थी।

घटना को लेकर यह माना जा रहा है कि छात्रों के वर्चस्व को लेकर मारपीट की यह घटना हुई है। इस घटना में पुलिस एवं कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली सवालों के घेरे में है।

Posted By: Jagran

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