धनबाद, जेएनएन। पीएमसीएच के स्त्री व प्रसव रोग विभाग में मंगलवार देर रात प्रसव के दौरान चार नवजात बच्चों की मौत हो गयी। डॉक्टरों के अनुसार सभी बच्चे प्री मेच्योर व अंडर वेट थे। इसमें जुड़वा नवजात भी शामिल है। जुड़वा नवजात के परिजन ने अपने शव ले लिये, लेकिन दो लोग शव को नहीं ले रहे थे। सूचना मिलने के बाद रात में अधीक्षक डॉ अरूण कुमार चौधरी स्त्री व प्रसव रोग विभाग में पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। एक परिवार गोविंदपुर, एक निरसा व एक गिरिडीह का है। गोविंदपुर के परिवार को जुड़वा हुए थे। गोविंदपुर की प्रसूता की हालत खराब बतायी जा रही है। 

रात भर विभाग में पड़े रहे नवजात के शव 

दो परिवार के लोगों ने शव को वॉर्ड में छोड़ कर चले गये। परिजन शव नहीं ले जाना चाह रहे थे। इस कारण रात भर दोनों नवजात के शव को वॉर्ड में एक ही एक जगह रख दिया गया। सुबह में अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को फोन करके बुलाया। इसके बाद बुधवार की दोपहर 2.30 बजे परिवार के सदस्य शव को अपने साथ लेकर गये। 

शव पर परिजनों का अधिकार 

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि नवजात शवों के मामले में अस्पताल शव को नहीं रख सकता है। इस पर मरीजों व परिजनों का अधिकार होता है। ऐसे में किसी भी मौत के बाद शव को परिजनों को ही सौंपा जाता है। प्रबंधन के समझाने के बाद परिजन ने शव को लेकर अपने घर गये। परिजनों को समझाने में काफी परेशानी हुई। 

वर्जन 

नवजात की मौत के कई कारण होते हैं। मंगलवार की रात प्रसव में चार नवजात ने दम तोड़ दिया। सभी को उसके परिजनों को सौंप दिया गया।

-डॉ एके चौधरी, अधीक्षक, पीएमसीएच, धनबाद। 

Posted By: Mritunjay

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