धनबाद, जेएनएन। रातभर हाजत में रखने के बाद मारपीट और छेड़खानी के दो आरोपियों को जेल भेजने के बजाय छोड़ देने के विरोध में मंगलवार को धनबाद थाना में हंगामा बरपा। एएसआइ मार्कंडेय मिश्र को फजीहत का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने साफ कर दिया कि मेरी कोई गलती नहीं है। DSP मुकेश कुमार के निर्देश पर छोड़ा गया है। 

क्या है मामला 

रेलवे हॉस्पिटल कॉलोनी की रहने वाली 35 वर्षीय महिला इंदु देवी ने धनबाद थाने में वहीं के रहने वाले सुमित कुमार सिंह, शंकर मंगेश्वर राव तथा इंद्रजीत प्रजापति के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट, छेड़खानी तथा केस नहीं उठाने पर जान से मार देने की धमकी का आरोप लगाते हुए धनबाद थाने में 26 नवंबर 2019 प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तारन नहीं कर रही थी। इस बीच वादी पक्ष के सहयोग से सोमवार की शाम कांड के दो आरोपित सुमित सिंह तथा शंकर मगेश्वर राव को पुलिस ने गिरफ्तार किया। रात भर थाना में भी रखा गया। सुबह होते ही दोनों आरोपित को छोड़ दिया गया।

ASI  ने कहा, मेरी कोई भूमिका नहीं 

दोनों आरोपियों को छोड़े जाने की जानकारी मिली तो मंगलवार सुबह वादी महिला इंदू देवी देवी ने धनबाद थाने में धमक पड़ीं। उनके हाथ कुछ महिलाएं भी थीं। पैसा लेकर आरोपियों को छोड़ने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पैसा लेने का आरोप एएसआई मार्कंडेय मिश्र पर लगा। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लाए जरूर थे लेकिन छोड़ने में मेरी कोई भूमिका नहीं है। डीएसपी के निर्देश पर छोड़ा गया है। इस मामले में डीएसपी का पक्ष नहीं मिल पाया है। 

Posted By: Mritunjay

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